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आवाज अड्डाः क्या महागठबंधन गैर बीजेपी दलों की मजबूरी!

प्रकाशित Fri, 17, 2017 पर 20:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

यूपी समेत 5 राज्यों के चुनावों के बाद देश में विपक्ष के होश उड़ गए और गैर बीजेपी पार्टियों में अब सवाल उठने लगा है कि 2019 के आम चुनाव में मोदी को टक्कर कैसे दी जाएं। इसकी तैयारी में अब कांग्रेस और जेडीयू के नेता राष्ट्र स्तर पर  महागठबंधन की योजना बनाने की कोशिश कर रहे है।


यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी की धमाकेदार जीत ने गैर बीजेपी दलों के कान खड़े कर दिए हैं। ये दल अब स्ट्रैटेजी बनाने में लग गए हैं कि 2019 में मोदी का मुकाबला कैसे किया जाए। और इसके लिए महागठबंधन की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।


जेडीयू नेता के सी त्यागी कांग्रेस को इस महागठबंधन की धुरी के रूप में देखते हैं लेकिन उनकी ही पार्टी के कुछ नेता इस भूमिका में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देखते हैं। बिहार के महागठबंधन की कामयाबी को देखते हुए अब चर्चाएं चल रही हैं कि अगले साल तक गैर बीजेपी पार्टियों का समूह कैसे तैयार किया जाए, जो 2019 के आम चुनाव तक बीजेपी को टक्कर दे सके। लेकिन वामदलों का मानना है कि सिर्फ मोदी विरोध के नारे से बात नही बनेगी।


जाहिर है बीजेपी और एनडीए के नेताओं को ये सारी कोशिशें हास्यास्पद लग रही हैं।


5 राज्यों के चुनावों के बाद देश में विपक्ष के नाम पर मजबूत नेता कम ही दिख रहे हैं औऱ कांग्रेस पार्टी के लिए तो अस्तित्व की लड़ाई शुरू हो गयी है। ऐसे में सवाल है कि क्या महागठबंधन का फॉर्मूला गैर बीजेपी दलों के लिए मजबूरी बन गयी है?