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आवाज़ अड्डा: साल भर में ही हालात योगी के काबू से बाहर!

प्रकाशित Wed, 11, 2018 पर 07:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

उन्नाव रेप केस ने योगी सरकार के इकबाल पर सवाल खड़ा कर दिया है। विपक्ष सरकार पर बीजेपी एमएलए को बचाने का आरोप लगा रहा है। पहले भी बीजेपी नेताओं पर से मुकदमे हटाने, दलितों के खिलाफ अत्याचार, अपराधियों के फेक एनकाउंटर और गोरखपुर में बच्चों की मौत पर सवाल उठते रहे हैं। खबर है कि आरएसएस दलितों से सरकार की बढ़ती दूरी को लेकर चिंतित है और योगी आदित्यनाथ को तलब कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी उत्तर प्रदेश में सरकार की छवि को लेकर चिंता जताई है। चर्चा शुरू करने से पहले आइये देखते हैं कि उन्नाव रेप कांड में अब तक क्या हुआ है और योगी सरकार को लेकर क्या सवाल उठ रहे हैं।


उन्नाव रेप कांड की पीड़ित लड़की के पिता की मौत के बाद से विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर है। उन्नाव के बांगरमऊ से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप है कि उन्होंने जून 2017 में नौकरी का झांसा देकर लड़की का बलात्कार किया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। 3 अप्रैल को विधायक के भाई और उसके साथियों ने पीड़ित के पिता की पिटाई की और पुलिस ने उन्हें ही जेल भेज दिया। इसके बाद पीड़िता ने मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया तो ये एक राजनीतिक मुद्दा बन गया।


पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि सोमवार 9 अप्रैल को जेल में बंद पीड़िता के अधेड़ पिता की मौत हो गई और ये खबर सुर्खियों में आ गई। इसके बाद विधायक के भाई और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई और पूरे मामले की जांच का जिम्मा एसआईटी को सौंप दिया गया है। लेकिन पीड़ित पक्ष विधायक की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।


इधर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने कहा है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश हो रही है और वो किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। योगी आदित्यनाथ कह चुके हैं कि कानून अपना काम करेगा और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।


लेकिन उन्नाव रेप मामला योगी सरकार पर सवाल उठने का ताजा कारण भर है। कानून-व्यवस्था, सांप्रदायिक तनाव और जाति के आधार पर भेदभाव को लेकर लगातार आरोप लग रहे हैं जबकि योगी को सरकार में आए अभी सिर्फ एक साल हुआ है। एसपी, बीएसपी का गठजोड़ गोरखपुर और फूलपुर में बीजेपी को कड़वा सबक दे चुका है।


खबर ये भी है कि आरएसएस और बीजेपी हाईकमान भी योगी को हालात पर छवि सुधारने की नसीहत दे रहे हैं। सवाल उठता है कि क्या वाकई साल भर में ही हालात योगी के काबू से बाहर हो रहे हैं? और ऐसे में क्या 2019 में बीजेपी का सबसे बड़ा इम्तिहान यूपी में होगा?