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टक्कर: मोदी मैजिक अभी भी कायम!

प्रकाशित Tue, 15, 2018 पर 08:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ पर डिबेट शो टक्कर में सोमवार से शुक्रवार रात 09:00 बजे आपसे जुड़े हुए मुद्दे उठाए जाते हैं और सरकार से पूछे जाते हैं तीखे सवाल। टीवी पर बहस तो बहुत होती रहती हैं लेकिन वहां तू-तू, मैं-मैं के बीच आपके मुद्दे दब जाते हैं और आपके हक की आवाज़ गुम हो जाती है। इसलिए टक्कर में उन चेहरों से सीधे सवाल किए जाते हैं जिनकी आपके प्रति सीधी जवाबदेही बनती है। टक्कर महज एक शो नहीं है ये 130 करोड़ भारतीयों की एक बड़ी मुहिम है।


टक्कर में आज बात हो रही है मोदी सरकार के 4 साल के कार्यकाल पर आए सर्वे की। सरकार का कामकाज कैसा रहा- इस पर लोकल सर्किल ने एक सर्वे किया है। अपनी तरह के इस सबसे बड़े सर्वे में देश के 250 जिलों के लगभग 62 हजार लोगों ने हिस्सा लिया है। इस सर्वे के मुताबिक 57 फीसदी लोग मानते हैं कि मौजूदा सरकार ने उम्मीद के मुताबिक या उससे अच्छा काम किया है, जबकि 43 फीसदी लोगों ने सरकार के कामकाज को उम्मीद से बुरा बताया है।


मोदी सरकार के 4 साल के कार्यकाल पर किए गए लोकल सर्किल में सरकार के कामकाज पर पूछे गए सवालों में लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रियां सामने आई है। कैसा रहा कामकाज? इस सवाल पर 28 फीसदी लोगों ने सरकार के कामकाज को उम्मीद से बेहतर बताया है जबकि 29 फीसदी लोगों का मानना है कि सरकार का कामकाज उम्मीद के मुताबिक रहा है। वहीं 43 फीसदी लोगों का मानना है कि सरकार ने अपने कार्यक्राल में उम्मीद से बुरा कामकाज किया है।


मोदी की सबसे सफल योजना पर सर्वे में सबसे अधिक वोट डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना को मिला है। 58 फीसदी लोगों ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना को अन्य योजनाओं से बेहतर माना है जबकि मेक इन इंडिया के नाम पर मोदी सरकार के प्रचार को सबसे कम मतदान मिले है, केवल 9 फीसदी लोगों ने मेक इन इंडिया को बेहतर योजना माना है। इधर जनधन योजना को 14 फीसदी और स्वच्छ भारत अभियान को 19 फीसदी मतदान मिला है।


मोदी सरकार के कार्यकाल में आतंकवाद कम हुआ है? इस सवाल पर सरकार ने बाजी मारी है। 61 फीसदी लोगों का मानना है कि मोदी सरकार के 4 साल के कार्यकाल में आतंकवाद कम हुआ है जबकि 35 फीसदी ऐसा नहीं मानते। वहीं 04 फीसदी लोगों ने इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सरकार के कामकाज के दौरान 49 फीसदी लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार कम हुआ है जबकि 44 फीसदी ऐसा नहीं मानते। वहीं 07 फीसदी लोगों ने इस सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।


सर्वे के मुताबिक सरकार महंगाई और बेरोजगारी के मोर्चे पर फेल होती नजर आ रही है। सर्वे के मुताबिक 60 फीसदी लोगों का मानना है कि सरकार महंगाई कम नहीं कर पाई है जबकि 33 फीसदी जनता का मानना है कि सरकार ने महंगाई को काबू में किया है। इधर सर्वे में 54 फीसदी लोगों का मनना है कि मोदी सरकार के राज में बेरोजगारी कम नहीं हुई है जबकि 35 फीसदी लोगों का मानना है कि सरकार ने देश में बेरोजगारी कम की है।