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आवाज़ अड्डाः कर्नाटक में सरकार पर सस्पेंस, कौन मारेगा बाजी!

प्रकाशित Tue, 15, 2018 पर 20:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कर्नाटक का फैसला आ चुका है, लेकिन सरकार किसकी बनेगी, इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े 112 को नहीं छू पाई। कांग्रेस ने बिना वक्त गंवाए जेडीएस को समर्थन दे दिया और जेडीएस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के पुत्र एच डी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने को तैयार हो गई। लेकिन जेडीएस और कांग्रेस के साथ-साथ बीजेपी ने भी सरकार बनाने का दावा कर दिया है।


कर्नाटक में सरकार बनाने का पेंच फंस गया है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई है। बीजेपी को 104 सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस गठबंधन को 38 सीटें मिली हैं। बिना समय गंवाए कांग्रेस ने जेडीएस  को सरकार बनाने के लिए समर्थन का ऐलान कर दिया जिसे जेडीएस ने स्वीकार कर लिया।


कुमारस्वामी ने इसके लिए बाकायदा राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर सूचित कर दिया। वहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार बी एस येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। वहीं बीजेपी ने अपने तीन केंद्रीय नेता प्रकाश जावड़ेकर, जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान को क्राइसिस मैनेजमेंट के लिए बंगलुरू भेज दिया है। अब राज्यपाल के ऊपर निर्भर है कि वो किसको पहले सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं।


कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के सरकार बनाने के दावे के बीच। बीजेपी के सीएम पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा राज्यपाल वजुभाई वाला से मिलने राजभवन पहुंचे। येदियुरप्पा ने राज्यपाल मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।


येदियुरप्पा के बाद जेडीएस नेता एच डी कुमारस्वामी ने भी राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि संविधान के मुताबिक राज्यपाल को कांग्रेस और जेडीएस को सरकार बनाने के लिए पहले बुलाना चाहिए।


क्या बहुमत को देखते हुए जेडीएस और कांग्रेस को सरकार बनाने का न्योता मिलेगा। या राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी को सरकार बनाने का पहला मौका देंगे। ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब अभी बाकी है। लेकिन उससे भी बड़ा सवाल है कि देश के राजनीतिक भविष्य के लिए कर्नाटक ने क्या संदेश दिए हैं।