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इंडिया रियल एस्टेटः रेरा से कितनी बदलेगी तस्वीर!

प्रकाशित Wed, 17, 2017 पर 16:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

लाइसिस फोरास की रिपोर्ट के मुताबिक रियल एस्टेट में घरों ब्रिकी में इजाफा देखने को मिला है। लाइसिस फोरास ने 8 महानगरों में ब्रिकी के आकंडे के अनुमान पर आधारित है। रिपोर्ट की मुताबिक 2016 की अंतिम तिमाही में 21 फीसदी घरों की ब्रिकी बढ़ी है। अब इसके पिछले क्या वजह है और क्यों ऐसा हो रहा है। इससे आनेवाले समय में रियल एस्टेट सेक्टर में क्या हो सकता है।


रिपोर्ट के मुताबिक 8 महानगरों में कुल 61,214 घरों की ब्रिकी हुई हैं। वहीं 2016 की अंतिम तिमाही में 50,788 घरों की ब्रिकी दर्ज की गई है जिसके चलते 2016 की अंतिम तिमाही में 21 फीसदी घरों की ब्रिकी बढ़ी है। हालांकि घरों की सालाना ब्रिकी पर देखा जाएं तो 5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।


लाइसिस फोरास के एमडी पंकज कपूर का कहना है कि  रियल एस्टेट में घरों की ब्रिकी का आकंडा अर्फोडेबल हाउसिंग के कारण हुआ है। जिस तरह से सरकार ने अर्फोडेबल हाउसिंग को लेकर एलान किये थे उससे इनमें काफी इजाफा देखने को मिला है। साथ ही बिल्डर अपने प्रोजेक्ट अर्फोडेबल हाउसिंग के तहत लेकर कर रहे है। जिसके कारण इंटरेस्ट रेट में काफी कमी आई है और प्रॉपर्टी बाजार के पिछले 3 सालों में भाव नहीं बढ़े है।


जिन मार्केट में लंबे समय से ब्रिकी में कमी थी उन मार्केट में सबसे ज्यादा ब्रिकी देखने को मिली है। एमएमआर, एनसीआर, अहमदाबाद में पहले से ही ब्रिकी में तेजी देखने को मिली थी।


साउथ एशिया के डायरेक्टर अरविंद नंदन का कहना है कि भारत में हाउसिंग सेक्टर में डिमांड काफी है। लेकिन पिछले 5-6 महीनों के घटनाक्रम को देखा जाएं तो उसे नजरअंदाज कर दिया गया।