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इंडिया रियल एस्टेटः सैलानियों की पसंद जयपुर

प्रकाशित Sat, 14, 2016 पर 18:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

राजस्थान की राजधानी जयपुर, 288 साल पुराने इस शहर को राजा मानसिंह ने बसाया था। तीन ओर अरावली पवर्तों से घिरा ये शहर आज भी रजवाड़ों की याद दिलाता है। पिंक सिटी के नाम से मशहूर जयपुर के बाजार, आज भी गुलाबी चादर ओढ़े नजर आते हैं। ऐतिहासिक किला, ढेरों टूरिस्ट प्लेस होने की वजह से जयपुर हमेशा सैलानियों की पसंद रहा है।


जयपुर का एक हिस्सा भले ही आपको इतिहास के पन्ने पलटने पर मजबूर करता है, लेकिन आधुनिक जयपुर एक नया इतिहास रच रहा है। भारत के चुनिंदा शहरों में से एक जयपुर की इकोनॉमी का बड़ा हिस्सा टूरिज्म सेक्टर से आता है। इसके अलावा दूसरे काम धंधे भी यहां बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं उनमें से एक है रियल एस्टेट सेक्टर।


आधुनिक जयपुर अब ऊंची इमारतों, मॉल कल्चर से लबरेज होता नजर आ रहा है। जयपुर रेलवे के जरिए देश भर से कनेक्ट है तो वहीं रोड और हाइवे से भी ये पूरी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां का इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी इस शहर को दुनिया के ज्यादातर हिस्सों से जोड़ता है। शहर के अंदर लोकल ट्रांसपोर्टेशन भी काफी अच्छा है वहीं जयपुर भारत के उन गिने चुने शहरों में है जहां मेट्रो रेल की सुविधा मौजूद है। लगातार बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर ने यहां रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का ध्यान खींचा है। यही वजह है कि जयपुर का प्रॉपर्टी सेक्टर काफी तेजी से उभरकर सामने आ रहा है।       


जयपुर के रियल एस्टेट मार्केट के साथ ही विश एम्पायर भी कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। जयपुर में विश एम्पायर की पहचान एक अफोर्डेबल बिल्डर के तौर पर है। कंपनी के चेयरमैन विनय जोशी ने रियल एस्टेट सेक्टर को काफी करीब से देखा है यही वजह है कि कंपनी ने कई तरह कंस्ट्रक्शन में हाथ आजमाया। प्रॉपर्टी ट्रेडर के तौर पर शुरू हुआ विनय जोशी का सफर दो दशक में एक सफल रियल एस्टेट डेवलपर में तब्दील हो गया।


95 से जब हमने काम शुरू किया, ट्रेडर बना, अब कंस्ट्रक्शन में आ गया। बीते 21 सालों में कंपनी ने रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट तो बनाए लेकिन असली जंप मिला गर्वमेंट के अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट से जिसे कंपनी ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर बनाया। जिसका दावा किया जा रहा है कि वो भारत का पहला और सबसे बड़ा अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट है।


हमारी कंपनी को सबसे बड़ा ब्रेक मिला 2010 में इंडिया का सबसे बड़ा अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट किया, उसका बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला। कंपनी के पास एक बेहतरीन टीम है जो हर तरह के कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को बखूबी तैयार कर रही है। फिलहाल कंपनी का फोकस अपने अगले प्रोजेक्ट उमा आंगन पर है। मुख्य जयपुर शहर से 15 किलोमीटर दूर मुकुंदपुरा में तैयार हो रहा है विश एम्पायर का प्रोजेक्ट उमा आंगन।


मुकुंदपुरा के जिस इलाके में ये प्रोजेक्ट बन रहा है वहां के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर से शायद आप बहुत ज्यादा खुश न हों। लेकिन इसके इलाके के भविष्य की प्लानिंग आपका मूड बदल सकती है। इस प्रोजेक्ट की कनेक्टिविटी को देखे तो अजमेर रोड और दिल्ली हाइवे यहां से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर, वहीं देशभर से जुड़ा जयपुर का रेलवे स्टेशन यहां से करीब 14 किलोमीटर दूर है।


जयपुर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी यहां से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर है। मुकुंदपुरा का ये इलाका शहर में बनने वाली रिंग रोड के अंदर आता है। जिसका फिलहाल डिमार्केशन ही हुआ है लेकिन उसे तैयार होने में अभी कुछ साल लगेंगे। इसके अलावा कई और एंगल हैं जो इस इलाके को फ्यूचर की प्राइम प्रॉपर्टी बनाने के लिए काफी हैं। रिंगरोड के अंदर का क्षेत्र है, नगर निगम की हद में है, ग्रामीण बिजली नहीं है शहरी बिजली है।

एजुकेशन के लिहाज से देखें तो अच्छे स्कूल और कॉलेज भी 2 किलोमीटर के रेडियस में आपको नजर आ जाएंगे। उमा आंगन के इर्द गिर्द आपको मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर भले ही यहां शुरुआती दौर में नजर आ सकता है। लेकिन अगले 4-5 सालों की प्लानिंग पर गौर करें तो यहां का नजारा कुछ और ही हो सकता है।


जयपुर बहुत दूर नहीं है, वहां पर प्राइस इंक्रीस होती जा रही है, अगले 4-5 साल में अच्छे रिटर्न मिलने की संभावना है। ये तो बात हुई मुकुंदपुरा इलाके की, अब नजर डालते हैं उमा आंगन पर। उमा आंगन को 11863 स्क्वेयर मीटर यानि करीब 2.9 एकड़ के लैंड एरिया पर बनाया जा रहा है। वास्तु शास्त्र के की नजर से देखें तो ये पूरा प्लॉट गौ मुखी है जो कि काफी अच्छा माना जाता है। उमा आंगन को 2 बड़े टॉवर में प्लान किया गया हैं जिसमें कुल 7 विंग्स हैं। उमा आंगन के दोनों ही टॉवर 14 मंजिल के हैं।


पूरा प्रोजेक्ट मिड सेगमेंट के लोगों के लिए प्लान किया गया है इस लिहाज से यहां स्टूडियो, 1, 2 और 3 बीएचके के फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। यानि अगर सभी तरह के फ्लैट्स को जोड़ ले तो यहां करीब 532 घर बनाए जाएंगे। हर तबके का ध्यान रखते हुए उमा आंगन में छोटे परिवार के लिए 460 वर्गफीट सुपर बिल्टअप एरिया में 26 युनिट्स बनाए जाएंगे। अगर थोड़ा बड़ा घर चाहते हैं तो आपके लिए यहां 1 बीएचके का विकल्प भी है।


1 बीएचके में 4 तरह के ऑप्शन हैं जिनमें 542 स्क्वेयर फुट से लेकर 552 स्क्वेयर फुट के मामूली अंतर के 130 फ्लैट मौजूद हैं। आपकी जरूरत अगर 2 बीएचके फ्लैट की है तो यहां आपके लिए 7 तरह के ऑप्शन मौजूद है। इनमें 781 स्क्वेयर फुट से लेकर 1034 स्क्वेयर फुट के 311 फ्लैट हैं। अगर इतने से आपका काम नहीं चलने वाला है तो 3 बीएचके के बड़े फ्लैट भी आप उमा आंगन में ले सकते हैं। 3 बीएचके में 2 तरह के ऑप्शन हैं जिनमें 1127 स्क्वेयर फुट और 1615 स्क्वेयर फुट के 65 फ्लैट हैं। यानि अलग- अलग साइज में 532 घर आपको इस प्रोजेक्ट में मिल जाएंगे।  


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