नतीजों का विश्लेषण: कौन पास, कौन हुआ फेल

प्रकाशित Tue, 01, 2016 पर 14:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निफ्टी की आधी से ज्यादा कंपनियां नतीजे पेश कर चुकी हैं। ऑटो, फार्मा और निजी बैंकों ने जहां नतीजों से खुश किया है वहीं आईटी और एफएमसीजी सेक्टर से निराशा हाथ लगी है। लेकिन नतीजों के बाद किन सेक्टर में रिकवरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं और अब कहां निवेश करना होगा सुरक्षित ये सब बताने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ लेकर आया है नतीजों का विश्लेषण, कॉरपोरेट इंडिया का रिपोर्ट कार्ड।


एफएमसीजी सेक्टर के रिपोर्ट के मुताबिक अब तक आए नतीजों में एचयूएल के नतीजे खराब रहे हैं। दूसरी तिमाही में एचयूएल के वॉल्यूम में 1 फीसदी की गिरावट हुई है जबकि इसका मार्जिन 16.6 फीसदी पर रहा है। वहीं आईटीसी के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में आईटीसी के वॉल्यूम में 4 फीसदी की बढ़त हुई है जबकि इसका मार्जिन 26.7 फीसदी पर रहा है। दूसरी तिमाही में एशियन पेंट्स के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में एशियन पेंट्स के वॉल्यूम में 12 फीसदी की बढ़त हुई है जबकि इसका मार्जिन 16.8 फीसदी पर रहा है। वहीं दूसरी तिमाही में डॉबर के नतीजे सपाट रहे हैं। दूसरी तिमाही में डॉबर के वॉल्यूम में 4.5 फीसदी की बढ़त हुई है जबकि इसका मार्जिन 20.6 फीसदी पर रहा है। अब तक आए नतीजों में मैरिको के नतीजे भी खराब रहे हैं। दूसरी तिमाही में मैरिको के वॉल्यूम में 3.4 फीसदी की बढ़त हुई है जबकि इसका मार्जिन 17.5 फीसदी पर रहा है।


टेलीकॉम सेक्टर के रिपोर्ट के मुताबिक अब तक आए नतीजों में आईडिया के नतीजे खराब रहे हैं। दूसरी तिमाही में आईडिया का मार्जिन 30.5 फीसदी पर रहा है। जबकि इसका मुनाफा 59 फीसदी घटा है। वहीं भारती एयरटेल के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं।  दूसरी तिमाही में भारती एयरटेल का मार्जिन 38.4 फीसदी पर रहा है। जबकि इसका मुनाफा मामूली रुप से घटा है। दूसरी तिमाही में भारती इंफ्राटेल के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में भारती इंफ्राटेल का मार्जिन 44.2 फीसदी पर रहा है। जबकि इसका मुनाफा 2.3 फीसदी बढ़ा है।


सीमेंट सेक्टर के रिपोर्ट के मुताबिक अब तक आए नतीजों में एसीसी के नतीजे खराब रहे हैं। दूसरी तिमाही में एसीसी के वॉल्यूम में 9.6 फीसदी की गिरावट हुई है जबकि इसका मुनाफा 29 फीसदी घटा है। वहीं ग्रासिम के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में ग्रासिम के वॉल्यूम में 9 फीसदी की बढ़त हुई है जबकि इसका मुनाफा 75 फीसदी घटा है। दूसरी तिमाही में अल्ट्राटेक सीमेंट के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में अल्ट्राटेक सीमेंट के वॉल्यूम में 1 फीसदी की बढ़त हुई है जबकि इसका मुनाफा 32 फीसदी बढ़ा है।


बैंकिंग सेक्टर के रिपोर्ट के मुताबिक अब तक आए नतीजों में एक्सिस बैंक के नतीजे खराब रहे हैं। दूसरी तिमाही में एक्सिस बैंक के ग्रॉस एनपीए में 4.17 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 3.64 फीसदी की बढ़त हुई है। वहीं एचडीएफसी के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में एचडीएफसी के ग्रॉस एनपीए में 1.02 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 4.2 फीसदी की बढ़त हुई है। इंडसइंड बैंक के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में इंडसइंड बैंक के ग्रॉस एनपीए में 0.9 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 4 फीसदी की बढ़त हुई है। दूसरी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक के ग्रॉस एनपीए में 2.49 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 4.47 फीसदी की बढ़त हुई है। इसी तरह दूसरी तिमाही में यस बैंक के ग्रॉस एनपीए में 0.83 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 3.4 फीसदी की बढ़त हुई है।


फाइनेंस सेक्टर के रिपोर्ट के मुताबिक अब तक आए नतीजों में एचडीएफसी के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में एचडीएफसी के ग्रॉस एनपीए में 0.76 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 14.6 फीसदी की बढ़त हुई है। बजाज फाइनेंस के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में बजाज फाइनेंस के ग्रॉस एनपीए में 1.58 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 36.4 फीसदी की बढ़त हुई है। दूसरी तिमाही में श्रीराम सिटी यूनियन और भारत फाइनेंशियल के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में श्रीराम सिटी यूनियन के ग्रॉस एनपीए में 4.96 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 22 फीसदी की बढ़त हुई है। इसी तरह दूसरी तिमाही में भारत फाइनेंशियल के ग्रॉस एनपीए में 0.10 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 40 फीसदी की बढ़त हुई है।


फाइनेंस सेक्टर के रिपोर्ट के मुताबिक दूसरी तिमाही में मारुति, बजाज ऑटो, हीरो मोटो कॉर्प, आयशर मोटर्स, टीवीएस मोटर्स और एस्कॉर्ट्स के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में मारुति के वॉल्यूम में 19 फीसदी और मार्जिन में 17.3 फीसदी की बढ़त हुई है। वहीं दूसरी तिमाही में बजाज ऑटो का वॉल्यूम तो 2.3 फीसदी गिरा है लेकिन इसके मार्जिन में 21.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं इस तिमाही में हीरो मोटो के वॉल्यूम में 15.8 फीसदी और मार्जिन में 16.2 फीसदी की बढ़त हुई है। दूसरी तिमाही में आयशर मोटर्स के वॉल्यूम में 31 फीसदी और मार्जिन में 31.2 फीसदी की बढ़त हुई है। वहीं टीवीएस मोटर्स के वॉल्यूम में 23 फीसदी और मार्जिन में 8.1 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि एस्कॉर्ट्स के वॉल्यूम में 35 फीसदी और मार्जिन में 6.3 फीसदी की बढ़त हुई है।


मेटल- माइनिंग सेक्टर की बात करें तो दूसरी तिमाही में जेएसडब्ल्यू स्टील की आय में 15 फीसदी और मुनाफे में 6.4 फीसदी की बढ़त हुई है। वहीं टाटा स्पॉन्ज की आय 8 फीसदी घटी है लेकिन इसके मुनाफे में 182 की बढ़त हुई है। जबकि दूसरी तिमाही में कल्याणी स्टील की आय 4 बढ़ी वहीं इस अवधि में कंपनी के मुनाफे में 27 फीसदी की बढ़त हुई है। दूसरी तिमाही में हिंद जिंक के नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं। दूसरी तिमाही में हिंद जिंक की आय 13 फीसदी घटी है जबकि इस अवधि में इसके मुनाफे में भी 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।


दूसरी तिमाही में फार्मा सेक्टर के रिपोर्ट कार्ड पर नजर दौड़ाएं तो दूसरी तिमाही में ग्लेनमार्क, डॉ रेड्डीज, बायोकॉन और सिंजीन के नतीजे अच्छे रहे हैं जबकि इस तिमाही में कैडिला हेल्थ का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। दूसरी तिमाही में ग्लेनमार्क की आय 16.5 फीसदी बढ़ी है। जबकि इसका मार्जिन 20.2 पर रहा है। वहीं दूसरी तिमाही में डॉ रेड्डीज की आय 15.8 फीसदी बढ़ी है। जबकि इसका मार्जिन 16.2 पर रहा है। इसी तरह बायोकॉन की आय 20 फीसदी बढ़ी है। जबकि इसका मार्जिन 25.2 पर रहा है। दूसरी तिमाही में कैडिला हेल्थ की आय सिर्फ 0.4 फीसदी बढ़ी है। जबकि इसका मार्जिन 21.5 पर रहा है।


ऑयल एंड गैस सेक्टर की बात करें तो दूसरी तिमाही में रिलायंस, आईओसी, केर्न इंडिया और ओएनजीसी के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में रिलायंस का जीआरएम 10.1 डॉलर प्रति बैरल रहा है। वहीं दूसरी तिमाही में रिलायंस के मुनाफे में 2.7 फीसदी की बढ़त हुई है। इसी तरह दूसरी तिमाही में आईओसी का जीआरएम 4.3 डॉलर प्रति बैरल रहा है। जबकि दूसरी तिमाही में आईओसी के मुनाफे में 62 फीसदी की गिरावट हुई है।


दूसरी तिमाही में केर्न इंडिया के मुनाफे में 116.5 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इस अवधि में कंपनी की रियलाइजेशन ग्रोथ 10.5 फीसदी रही। इसी तरह दूसरी तिमाही में ओएनजीसी के मुनाफे में 17.5 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इस अवधि में कंपनी की रियलाइजेशन ग्रोथ 3.9 फीसदी रही।


दूसरी तिमाही में कैपिटल गुड्स सेक्टर के रिपोर्ट कार्ड पर नजर दौड़ाएं तो इस तिमाही में बीईएल, वी- गार्ड और हेवेल्स के नतीजे अच्छे रहे हैं तो एबीबी और कमिन्स के नतीजे खराब रहे हैं। दूसरी तिमाही में बीईएल की आय में 16.2 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इसका मार्जिन 18.9 फीसदी पर रहा है। इसी तरह दूसरी तिमाही में वी- गार्ड की आय में 14 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इसका मार्जिन 10.8 फीसदी पर रहा है। वहीं दूसरी तिमाही में हेवेल्स की आय में 9 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इसका मार्जिन 13.5 फीसदी पर रहा है।


दूसरी तिमाही में एबीबी और कमिन्स के नतीजे खराब रहे हैं। दूसरी तिमाही में एबीबी की आय में 4.4 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इसका मार्जिन 7.1 फीसदी पर रहा है। जबकि दूसरी तिमाही में कमिन्स की आय में 5 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इसका मार्जिन 14.6 फीसदी पर रहा है।


कंपनियों के नजरिए से देखें तो अब तक आए दूसरी तिमाही के नतीजों में अदानी पोर्ट, एनटीपीसी और जी एंटरटेनमेंट के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में अदानी पोर्ट के आय में 21 फीसदी और मुनाफे में 61 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। जबकि इस तिमाही में एनटीपीसी के आय में तो 8 फीसदी की बढ़त हुई है लेकिन इसका मुनाफा 14 फीसदी घटा है। वहीं दूसरी तिमाही में जी एंटरटेनमेंट केआय में 23 फीसदी और मुनाफे में 27 फीसदी की बढ़त हुई है।


दूसरी तिमाही में आईटी सेक्टर के रिपोर्ट कार्ड पर नजर दौड़ाएं तो इस तिमाही में टीसीएस के नतीजे खराब रहे हैं। वहीं इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के नतीजे अच्छे रहे हैं जबकि विप्रो के नतीजे उम्मीद के मुताबिक ही रहे हैं।


दूसरी तिमाही में टीसीएस की डॉलर आय में 0.3 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इसका मार्जिन 26.01 फीसदी पर रहा है। वहीं दूसरी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर आय में 3.4 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इसका मार्जिन 24.89 फीसदी पर रहा है। जबकि दूसरी तिमाही में विप्रो की डॉलर आय में 0.75 फीसदी की गिरावट हुई जबकि इसका मार्जिन 17.8 फीसदी पर रहा है।


दूसरी तिमाही में एचसीएल टेक की डॉलर आय में 1.8 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इसका मार्जिन घटकर 20.1 फीसदी पर रहा है। इसी तरह दूसरी तिमाही में टेक महिंद्रा की डॉलर आय में 4 फीसदी की बढ़त हुई जबकि इसका मार्जिन घटकर 11.5 फीसदी पर रहा है।