नतीजों का विश्लेषण, मार्च तिमाही में कितनी सुधरी सेहत

प्रकाशित Fri, 26, 2017 पर 13:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निफ्टी की ज्यादातर कंपनियां मार्च तिमाही के नतीजे पेश कर चुकी हैं और अब तक आए नतीजे मिलेजुले ही रहे हैं। आईटी सेक्टर ने जहां निराश किया है वहीं बैंकों में काफी सुधार दिखा है। हालांकि बढ़ते एनपीए की चिंता अब भी कायम है और फार्मा की सेहत तो बेहद खराब होती नजर आ रही है।


नतीजों का सीजन लगभग खत्म होने की कगार पर है, लेकिन कैसे रहे हैं नतीजे और क्या ग्रोथ वापस लौट रही है। नतीजों के बाद कौन से सेक्टर और शेयर अच्छे लग रहे हैं, इन सब सवालों का जवाब दे रहे हैं इंडिया इंफोलाइन के एक्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, संजीव भसीन और एचआरबीवी क्लाइंट सॉल्युशंस के चीफ एक्जिक्यूटिव, टी एस हरिहर


बैंकिंग सेक्टर की बात की जाए तो ज्यादातर बैंकों के नतीजे अच्छे रहे हैं और उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है। दरअसल नोटबंदी के बाद एनपीए बढ़ने की आशंका थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं आईटी सेक्टर का मार्च तिमाही में भी प्रदर्शन कमजोर रहा है। वैल्युएशन के लिहाज से आईटी शेयर आकर्षक नजर आ रहे हैं, लेकिन ग्रोथ कमजोर है।


ऑटो सेक्टर के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। साल दर साल आधार पर बिक्री सपाट रही है, जबकि कमोडिटी कीमतें बढ़ने से मार्जिन पर असर दिखा है। ऑटो कंपनियों पर बीएस-3 गाड़ियों को निकालने के लिए भारी डिस्काउंट देने का भी असर नजर आया है। इसके साथ ही बीएस-4 नियम लागू होने से टू-व्हीलर के मार्जिन पर असर देखने को मिला है। सीमेंट सेक्टर में ज्यादा कंपनियों की वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रही है, लेकिन कंपनियों के मार्जिन पर कुछ दबाव दिखा है।


फार्मा सेक्टर के नतीजे बेहद कमजोर आए हैं। अमेरिका में कारोबार का असर फार्मा कंपनियों के नतीजों में देखने को मिला है। अमेरिका में कंपिटीशन बढ़ा है और दवाईयों की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। लिहाजा फार्मा कंपनियों का मार्जिन घट गया और ज्यादातर कंपनियों का आउटलुक कमजोर नजर आ रहा है। एफएमसीजी सेक्टर में भी मिलेजुले नतीजे देखने को मिले हैं, लेकिन बड़ी कंपनियों की वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रही है। डाबर जैसी मिडकैप कंपनियों की वॉल्यूम ग्रोथ कमजोर रही है। विज्ञापन खर्च घटने से ज्यादातर कंपनियों का मार्जिन सुधरा है।


नतीजों का विश्लेषण करने के बाद इंडिया इंफोलाइन के संजीव भसीन ने बैंक ऑफ बड़ौदा में निवेश करने की सलाह दी है। संजीव भसीन के मुताबिक 6 महीने की अवधि में बैंक ऑफ बड़ौदा में 235 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। संजीव भसीन ने माइंडट्री में निवेश करने की सलाह दी है। संजीव भसीन के मुताबिक 6 महीने की अवधि में माइंडट्री में 600 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है।


संजीव भसीन ने टाटा मोटर्स में निवेश करने की सलाह दी है। संजीव भसीन के मुताबिक 6 महीने की अवधि में टाटा मोटर्स में 540 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। संजीव भसीन ने आईटीसी में निवेश करने की सलाह दी है। संजीव भसीन के मुताबिक 6 महीने की अवधि में आईटीसी में 330 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है।


संजीव भसीन ने टाटा स्टील में निवेश करने की सलाह दी है। संजीव भसीन के मुताबिक 6 महीने की अवधि में टाटा स्टील में 550 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। संजीव भसीन ने रिलायंस पावर में निवेश करने की सलाह दी है। संजीव भसीन के मुताबिक 6 महीने की अवधि में रिलायंस पावर में 60 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है।


संजीव भसीन ने डॉ रेड्डीज में निवेश करने की सलाह दी है। संजीव भसीन के मुताबिक 6 महीने की अवधि में डॉ रेड्डीज में 3000 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। संजीव भसीन ने गेल में निवेश करने की सलाह दी है। संजीव भसीन के मुताबिक 6 महीने की अवधि में गेल में 500 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। संजीव भसीन ने अल्ट्राटेक सीमेंट में निवेश करने की सलाह दी है। संजीव भसीन के मुताबिक 6 महीने की अवधि में अल्ट्राटेक सीमेंट में 4750 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है।


वहीं एचआरबीवी क्लाइंट सॉल्युशंस के टी एस हरिहर ने टाटा मोटर्स में निवेश करने की सलाह दी है। टी एस हरिहर के मुताबिक 3 महीने की अवधि में टाटा मोटर्स में 550 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है।