चौथी तिमाही के नतीजों से क्या हैं उम्मीदें

प्रकाशित Fri, 06, 2018 पर 15:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

तिमाही नतीजों का सीजन शुरू हो गया है, चौथी तिमाही के नतीजों से क्या उम्मीदें हैं इसको लेकर ब्रोकरेज हाउस अनुमान लगा रहे हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये अनुमान।


कोटक सिक्योरिटीज के मुताबिक चौथी तिमाही में सेंसेक्स कंपनियों के मुनाफे में सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़त संभव हैं। वहीं निफ्टी कंपनियों के मुनाफे में सालाना आधार पर 4 फीसदी बढ़त संभव है।


एडेलवाइस के मुताबिक चौथी तिमाही में निफ्टी कंपनियों के मुनाफे में सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़त संभव हैं। वहीं ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मुनाफे में सालाना आधार पर 68 फीसदी बढ़त संभव है। जबकि कंपनियों की आय में 14 फीसदी और एबिटडा में 23 फीसदी ग्रोथ संभव है।


कोटक सिक्योरिटीज के मुताबिक चौथी तिमाही में सेंसेक्स कंपनियों की बिक्री 14 फीसदी और एबिटडा 20 फीसदी बढ़ सकती है। चौथी तिमाही में एनर्जी सेक्टर में सालाना आधार पर 34 फीसदी और ऑटो सेक्टर में 19 फीसदी ग्रोथ संभव है। तिमाही आधार पर टेलीकॉम सेक्टर के नतीजों में 3.5 फीसदी गिरावट की आशंका है। इस तिमाही में मेटल-माइनिंग कंपनियों के मुनाफे में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिलेगा जबकि इंफ्रा, फार्मा, टेलीकॉम कंपनियों का मुनाफा घट सकता है।


क्रेडिट सुईस का मानना है कि चौथी तिमाही में एफएमसीजी सेक्टर की ग्रोथ में दबाव की संभावना है। चौथी तिमाही में इस सेक्टर की ग्रोथ 9 फीसदी घटने की आशंका है। जनवरी-मार्च में दौरान वॉल्यूम में सुधार संभव है। हालांकि होम, पर्सनल केयर में मार्जिन घट सकते हैं। बढ़ी क्रूड कीमतों का नतीजों पर असर संभव है। चौथी तिमाही में फूड कंपनियों के नतीजों में सुधार की उम्मीद है। क्रेडिट सुईस का मानना है कि चीनी, दूध के दाम घटने से चौथी तिमाही में एफएमसीजी कंपनियों के मार्जिन में सुधार संभव है। नेस्ले, ब्रिटेनिया, एचयूएल के नतीजे मजबूत रह सकते हैं। जबकि मेरिको, इमामी, डाबर के नतीजे सुस्त रह सकते हैं।


जेफरीज की कंज्म्पशन सेक्टर पर राय है कि चौथी तिमाही में  कंज्म्पशन सेक्टर की वॉल्यूम ग्रोथ बरकरार रह सकती है, मार्जिन में हल्की बढ़त की संभावना है। इस तिमाही में एचयूएल, ब्रिटेनिया, नेस्ले, कोलगेट की परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती है। वहीं, ज्यूबिलेंट फूड्स, टाइटन के नतीजे शानदार रह सकते हैं।