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रिलायंस इंडस्ट्रीज को ₹8097 करोड़ का मुनाफा

प्रकाशित Fri, 13, 2017 पर 17:32  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 11 फीसदी घटकर 8097 करोड़ रुपये रहा है। वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 9108 करोड़ रुपये रहा था। बता दें कि अप्रैल-जून तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज को 1100 करोड़ रुपये का एकमुश्त मुनाफा हुआ था।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की आय 5 फीसदी बढ़कर 95085 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की आय 90537 करोड़ रुपये रही थी।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडएलोन मुनाफा 0.08 फीसदी बढ़कर 8265 करोड़ रुपये रहा है। वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडएलोन मुनाफा 8,196 करोड़ रुपये रहा था।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्टैंडएलोन आय 1.9 फीसदी बढ़कर 71761 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्टैंडएलोन आय 70,434 करोड़ रुपये रही थी।


तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का एबिटडा 12554 करोड़ रुपये से बढ़कर 15565 करोड़ रुपये हो गया है। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का एबिटडा मार्जिन 13.9 फीसदी से बढ़कर 16.4 फीसदी हो गया है।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन 12 डॉलर प्रति बैरल रहा है। दूसरी तिमाही में रिलायंस की जीआरएम 9 साल के शिखर पर रहा है।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनिंग कारोबार से होने वाली आय 4.2 फीसदी बढ़कर 69766 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज रिफाइनिंग कारोबार से होने वाली आय  66945 करोड़ रुपये रही थी।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का रिफाइनिंग एबिट 11.4 फीसदी घटकर 6621 करोड़ रुपये रहा है। वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का रिफाइनिंग एबिट 7476 करोड़ रुपये रहा था।


तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की पेट्रोकेम बिक्री 25461 करोड़ रुपये से बढ़कर 27999 करोड़ रुपये रही है। तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की पेट्रोकेम एबिट 4031 करोड़ रुपये से बढ़कर 4960 करोड़ रुपये हो गया है। तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की पेट्रोकेम एबिट मार्जिन 15.8 फीसदी से बढ़कर 17.7 फीसदी हो गया है।


तिमाही दर तिमाही आधार पर पहली तिमाही में रिलायंस जियो का घाटा 21.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 270.6 करोड़ रुपये रहा है। वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस जियो को 6147 करोड़ रुपये की आय हुई है। दूसरी तिमाही में रिलायंस जियो का एबिटडा 1442 करोड़ रुपये और एबिटडा मार्जिन 23.5 फीसदी रहा है। जियो ने दूसरी तिमाही में 1.53 करोड़ ग्राहक जोड़े हैं।


रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजों पर कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि आरआईएल ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। पहली तिमाही में ही जियो का एबिट पॉजिटिव रहा था। कंपनी के पेटकेम, रिफाइनिंग कारोबार का प्रदर्शन जबरदस्त रहा है। एनर्जी कारोबार की नई यूनिट इस साल शुरू होगी। डिमांड ग्रोथ अच्छी बनी हुई है। रिटेल कारोबार में भी शानदार ग्रोथ दिख रही है। कंपनी का रिटेल कारोबार लगातार मुनाफा कमा रहा है। देश की डिजिटल क्रांति में जियो की बड़ी भूमिका है। जियो का प्रदर्शन शानदार बिजनेस मॉडल दिखाता है।


रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएफओ आलोक अग्रवाल का कहना है कि जियो मोबाइल डेटा में तेजी से बढ़ने वाला नेटवर्क बना है। जियो में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। जियो दुनिया का तेजी से बढ़ने वाला नेटवर्क। 30 सितंबर तक 13.9 करोड़ उपभोक्ता कगंपनी के साथ जुड़े हैं।


डिस्क्लोजरः मनीकंट्रोल डॉट कॉम रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का हिस्सा है। नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास ही है।