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पीएसयू का विनिवेश, किसमें करें निवेश

प्रकाशित Fri, 21, 2017 पर 13:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार की तेजी को देखते हुए सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सरकार ने हाल में ही 7 कंपनियों में विनिवेश का एलान किया है। लंबी अवधि में सरकारी कंपनियों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। विनिवेश के साथ ही रिवाइवल की भी तैयारी है तो अब इन पीएसयू में निवेश के लिहाज से क्या नजरिया बनता है, यही बताने के लिए हम लेकर आए हैं ये खास शो पीएसयू का विनिवेश, किसमें करें निवेश? आपको बेहतरीन सलाह देने के लिए हमारे साथ जुड़े इंडिया इंफोलाइन के एक्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, संजीव भसीन और एचआरबीवी क्लाइंट सॉल्युशंस के चीफ एक्जिक्यूटिव, टी एस हरिहर


सरकार की 7 कंपनियों में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने की योजना है। सरकार की 7 पीएसयू में हिस्सा बेचकर 34,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। सरकार आरईसी में ओएफएस के जरिए 5 फीसदी हिस्सा बेचेगी। इसके साथ ही क्लीन-एनर्जी के लिए कर्ज देने की सीमा तीना गुना करेगी। आरईसी की लोन बुक 2 लाख करोड़ रुपये की है। वहीं सरकार ने एनपीए रिकवरी के लिए बड़ी योजना तैयार की है।


पीएफसी में ओएफएस के जरिए सरकार 10 फीसदी हिस्सा बेचेगी। सालाना आधार पर 3 साल से पीएफसी की बिक्री में 17 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। एनटीपीसी में ओएफएस के जरिए सरकार 10 फीसदी हिस्सा बेचेगी। एनटीपीसी को विदेश में बॉन्ड के जरिए ज्यादा पैसा जुटाने को मंजूरी मिली है। वहीं कोयले की ग्रेडिंग घटने से पावर कंपनियों को फायदा होगा।


2016-17 में एनएमडीसी का प्रोडक्शन 20 फीसदी बढ़ा है, जबकि आयरन ओर की बिक्री 24 फीसदी बढ़ी है। ग्लोबल बाजार में आयरन ओर की कीमतें गिरने से चिंता जरूर है, लेकिन एनएमडीसी के नागरनार में बनने वाले स्टील प्लांट में सरकार हिस्सा बेचेगी। एमटीएनएल का बीएसएनएल में मर्जर पर जून में कैबिनेट के सामने प्रस्ताव रखा जाएगा। सरकार घाटे वाली 15 पीएसयू कंपनियों का रिवाइवल करने वाली है। हालांकि रिलायंज जियो के डिस्काउंट ऑफर का एमटीएनएल के मुनाफे पर असर मुमकिन है।


सरकार ने ओएफएस के जरिए नाल्को में 10 फीसदी हिस्सा बेचा है। वहीं चीन में प्लांट बंद होने से एल्यूमीनियम की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है। नाल्को को ओडिशा प्लांट के विस्तार के लिए पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी है। वहीं सरकार ओएफएस के जरिए आईओसी में 3 फीसदी हिस्सा बेचेगी। आईओसी की चालू वित्त वर्ष में 20,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। मैक्वॉयरी ने आईओसी की आउटपरफॉर्म रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है और इस शेयर पर 550 रुपये का लक्ष्य दिया है।


सरकार ओएफएस के जरिए सेल में 10 फीसदी हिस्सा बेचेगी। कंपनी लगातार 7 तिमाहियों से घाटे में है, लेकिन 2017-18 में 10 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ का लक्ष्य है। सरकार की घाटे वाले 15 पीएसयू कंपनियों के रिवाइवल की योजना है और इस लिस्ट में एफएसीटी भी शामिल है। सरकार की एफएसीटी के लोन को इक्विटी में बदलने की योजना है। इसके साथ ही जून से फर्टिलाइजर सब्सिडी सीधे मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को मिलेगी, ऐसे में ये कदम एफएसीटी के लिए फायदेमंद साबित होगा। सरकार की घाटे वाले 15 पीएसयू कंपनियों के रिवाइवल की योजना है और इस लिस्ट में आईटीआई भी शामिल है। वित्त वर्ष 2017 में आईटीआई का टर्नओवर 30 फीसदी बढ़कर 1621 करोड़ रुपये रहा है।


वित्त वर्ष 2014 में सरकार ने विनिवेश के जरिए 55,814 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया था। वित्त वर्ष 2015 में सरकार ने विनिवेश के जरिए 63,425 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया था। वित्त वर्ष 2016 में सरकार ने विनिवेश के जरिए 69,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया था। वित्त वर्ष 2017 में सरकार ने विनिवेश के जरिए 45,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया था। वित्त वर्ष 2018 में सरकार ने विनिवेश के जरिए 72,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है।


सरकार की आईटीआई में 94.86 फीसदी, एफएसीटी में 90 फीसदी, सेल में 75 फीसदी, एनएमडीसी में 74.94 फीसदी, नाल्को में 74.58 फीसदी, एनटीपीसी में 69.74 फीसदी, पीएफसी में 66.35 फीसदी, आरईसी में 58.86 फीसदी, आईओसी में 57.34 फीसदी और एमटीएनएल में 56.93 फीसदी हिस्सेदारी है।


इंडिया इंफोलाइन के संजीव भसीन को पीएसयू कंपनियों में एनबीसीसी सबसे ज्यादा पसंद है। संजीव भसीन ने एनबीसीसी में खरीदारी की सलाह दी है। संजीव भसीन का मानना है कि 1 साल की अवधि में एनबीसीसी का शेयर 240 रुपये तक जा सकता है। इसके अलावा संजीव भसीन ने आरईसी में भी खरीदारी की सलाह दी है। संजीव भसीन का मानना है कि 1 साल की अवधि में आरईसी का शेयर 225 रुपये तक जा सकता है। हालांकि संजीव भसीन ने एमटीएनएल से दूर रहने के लिए कहा है।


संजीव भसीन ने पीएफसी में खरीदारी की सलाह दी है। संजीव भसीन का मानना है कि 1 साल की अवधि में पीएफसी का शेयर 175 रुपये तक जा सकता है। संजीव भसीन ने एनटीपीसी में भी खरीदारी की सलाह दी है। संजीव भसीन का मानना है कि 1 साल की अवधि में एनटीपीसी का शेयर 185 रुपये तक जा सकता है। संजीव भसीन ने एनएमडीसी में भी खरीदारी की सलाह दी है। संजीव भसीन का मानना है कि 1 साल की अवधि में एनएमडीसी का शेयर 150 रुपये तक जा सकता है।


वहीं एचआरबीवी क्लाइंट सॉल्युशंस के टी एस हरिहर को पीएसयू कंपनियों में एचपीसीएल सबसे ज्यादा पसंद है। टी एस हरिहर ने एचपीसीएल में खरीदारी की सलाह दी है। टी एस हरिहर का मानना है कि 3 महीने की अवधि में एचपीसीएल का शेयर 700 रुपये तक जा सकता है। इसके अलावा टी एस हरिहर ने नाल्को में भी खरीदारी की सलाह दी है। टी एस हरिहर का मानना है कि 3 महीने की अवधि में नाल्को का शेयर 85 रुपये तक जा सकता है।


वहीं टी एस हरिहर ने आईओसी में खरीदारी की सलाह दी है। टी एस हरिहर का मानना है कि 3 महीने की अवधि में आईओसी का शेयर 500 रुपये तक जा सकता है। टी एस हरिहर ने सेल में भी खरीदारी की सलाह दी है। टी एस हरिहर का मानना है कि 3 महीने की अवधि में सेल का शेयर 70 रुपये तक जा सकता है।


साथ ही टी एस हरिहर ने एफएसीटी में खरीदारी की सलाह दी है। टी एस हरिहर का मानना है कि 3 महीने की अवधि में एफएसीटी का शेयर 55 रुपये तक जा सकता है। टी एस हरिहर ने आईटीआई में भी खरीदारी की सलाह दी है। टी एस हरिहर का मानना है कि 3 महीने की अवधि में आईटीआई का शेयर 85 रुपये तक जा सकता है।