टैक्स गुरू की सलाह, दिखाएगी टैक्स बचाने की राह -
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टैक्स गुरू की सलाह, दिखाएगी टैक्स बचाने की राह

प्रकाशित Sat, 13, 2016 पर 18:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी धबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगी टैक्स गुरू और क्लियरटैक्स डॉट इन की प्रीती खुराना।


आज सबसे पहले बात करते हैं एक अहम खबर की। अब आपको अपनी सैलरी का ब्रेकअप तय करने की आजादी मिल सकती है। अगर आपकी कंपनी में 40 या इससे ज्यादा कर्मचारी हैं तो आपको प्रोविडेंट फंड में निवेश करना है या नहीं और हेल्थ इंश्योरेंस के लिए कौनसी स्कीम लेनी है, इसका चुनाव आप खुद कर सकेंगे। सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक श्रम मंत्रालय ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है।


श्रम मंत्रालय का प्रस्ताव है कि कर्मचारियों को सैलरी का ब्रेकअप खुद तय करने का अधिकार मिले। कर्मचारियों के पास पीएफ में निवेश करने या नहीं करने का विकल्प हो। और पीएफ या न्यू पेंशन स्कीम में निवेश करने का विकल्प उनके मिले। एप्लाई स्टेट इंश्योरेंस या सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस में निवेश का विकल्प भी कर्मचारियों को मिल सकता है।


ये नियम 40 या उससे ज्यादा कर्मचारी वाली कंपनियों पर लागू होगा। वहीं दो तिहाई कमचारियों की सहमति के साथ फैसला लिया जाएगा। श्रम मंत्रालय ने जो ये प्रस्ताव तैयार किया है उसका बजट में एलान संभव है।


अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं तो आपको टैक्स बचाने के लिए किन बातों का ख़याल रखना होगा इस पर बात करते हुए प्रीती खुराना ने कहा कि अब आपको ईपीएफ और एनपीएस के टैक्स नियमों का ख्याल रखना होगा। ईपीएफ से 5 साल से पहले पैसे निकालने पर टैक्स देना पड़ता है। वहीं एनपीएस में टियर 1 अकाउंट से रिटायरमेंट तक पैसे नहीं निकाले जा सकते। हां, एनपीएस में टियर टू अकाउंट से पैसे निकालने की छूट है।


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