Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स गुरु के साथ कीजिए आईटी रिटर्न की हर टेंशन दूर

प्रकाशित Sat, 29, 2017 पर 13:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल की राय।


क्या है फॉर्म 26एस


टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल का कहना है कि टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट (फॉर्म 26एस) होता है। टैक्सपेयर्स आईटी रिटर्न भरने के पहले फॉर्म 26एएस जरुर देखें। फॉर्म 26एएस की मदद से टैक्स रिटर्न सहीं से भर सकेंगे।


आईटी रिटर्न और आधार


एनआरआई के लिए आईटी रिटर्न भरने केलिए आधार जरूरी नहीं है। मई के नोटिफिकेशन के जरिए एनआरआई को आधार लिकिंग से छूट मिली है। इस के अलावा 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए भी आधार जरूरी नहीं है। वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों और जम्मू- कश्मीर के लोगों को भी आधार से छूट मिली है।


कब अनिवार्य है आईटी रिटर्न


ग्रॉस टोटस इनकम 2.5 लाख से ज्यादा है तो रिटर्न भरना जरूरी होता है। अगर आपकी विदेश से बाहर कोई भी संपत्ति हो तो भी आपको रिटर्न भरना अनिवार्य है। साथ ही जिन लोगों का पार्टरनशिर फर्म/कंपनी की इनकम जीरो या नेगेटिव हो तो भी उन्हें रिटर्न भरना अनिवार्य है।


सीबीडीटी की सफाई


24 जुलाई को सीबीडीटी की सफाई आई थी। जिसमें कहा गया था कि एनआईआर के लिए विदेशी अकाउंट का ब्यौरा देना अनिवार्य नहीं है। हालांकि रिफंड लेने के लिए भारतीय अकाउंट का ब्यौरा भी काफी है। विदेशी अकाउंट का ब्यौरा तभी जब उसमें रिफंड मंगाना हो।