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टैक्स एक्सपर्ट के साथ कीजिए टैक्स प्लानिंग

प्रकाशित Fri, 24, 2017 पर 11:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरु में हम आपको देंगे टैक्स से जुड़े उन प्रावधानों की जानकारी जो आपका टैक्स बचाने में मदद करेगी। साथ ही टैक्स से जुड़े आपके तमाम सवाल लेंगे जिनके जबाव देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन।    


पीपीएफ से निकासी के नियम :-

पीपीएफ अकाउंट से पैसे 3 तरीके से निकाल सकते हैं। निवेशक पीपीएफ अकाउंट पर लोन ले सकते हैं। निवेश की अवधि के दौरान एक हिस्सा निकाल सकते है। पीपीएफ अकाउंट मैच्योर होने के बाद पैसा एकमुश्त या किस्तों में निकाल सकते हैं। अकाउंट खोलने के तीसरे और छठे कारोबारी साल में लोन लिया जा सकता है। लोन 2 साल पहले तक जमा राशि का अधिकतम 25 फीसदी हो सकता है। कम से कम 5 कारोबारी साल निवेश करने के बाद पैसे निकालने की अनुमती मिलती है।


पिछले साल के बैलेंस का अधिकतम 50 फीसदी पैसा निकाला जा सकता है। एक साल में केवल एक ही बार पैसा निकालने की अनुमती है। रिन्यु करने के बाद भी आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। इलाज, उच्च शिक्षा जैसी वजहों के लिए, जरुरत पड़ने पर अकाउंट को प्री-मैच्योर बंद भी कर सकते हैं। प्री-मैच्योर क्लोजर कम से कम 5 साल के लिए निवेश के बाद अकाउंट को बंद कर सकते है और इस पर उन्हें 1 फीसदी की पेनाल्टी भी चुकानी पड़ती है।


टैक्स सेविंग स्कीम में बदलाव :-

एक टैक्स सेविंग स्कीम से दूसरे में शिफ्ट करना नया निवेश माना जाएगा। एमआईपी यानि मंथली इनकम प्लान जिसमें डेट स्कीम होते हैं। एमआईपी में निवेश 3 साल या ज्यादा रखने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है और 3 साल से कम रखने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। एमआईपी में हुआ शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन नियमित आय में जुड़ेगा। एमआईपी में हुए शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर स्लैब की दरों के मुताबिक टैक्स देना होगा। वहीं लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर इंडेक्सेशन के बाद 20 फीसदी टैक्स देना होगा।


रिवाइज्ड रिटर्न के नियम :-

वित्त वर्ष 2014-15 का इनकम टैक्स रिटर्न 31 मार्च 2017 तक रिवाइज कर सकते हैं। लेकिन अगर रिटर्न का एसेसमेंट हो गया हो तो फिर रिवाइज करना मुमकिन नहीं होगा। ऐसे आप अपने एम्प्लॉयर के पास जाए और उन्हें अपना रिटर्न रिवाइज करने को कहें। आपका एम्प्लॉयर टैक्स की ज्यादा कटी रकम रिफंड कर सकता है।