Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स गुरु से पाएं टैक्स की हर मुश्किल का हल

प्रकाशित Sat, 30, 2017 पर 16:16  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगी टैक्स एक्सपर्ट प्रीति खुराना।


सबसे पहले फोकस करते हैं साल 2017 में हुए टैक्स बदलावों पर। आपको 2017-2018 का टैक्स रिटर्न बिल्कुल समय पर भर देना चाहिए। क्योंकि देऱ से रिटर्न भरना आपकी जेब पर पड़ेगा भारी। मिडिल क्लास को 2017 में 5 फीसदी का एक नया टैक्स स्लैब मिला है। 2017 में ही एनपीएस की भी शुरुआत हुई।


टैक्स एक्सपर्ट प्रीति खुराना का कहना है कि इस बार समय से टैक्स रिटर्न भरने में आलस नहीं करना चाहिए और इसको समय से भर लेना चाहिए। नए आईटीआर नियमों के तहत अब वक्त पर रिटर्न भरना जरूरी हो गया है। वक्त पर रिटर्न नहीं भरने पर लेट फीस लगेगी। सेक्शन 234 एफ के तहत लेट फीस का प्रावधान किया गया है जिसके तहत 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल करने पर 5 हजार रुपये तक जुमार्ना देना होगा। 31 दिसंबर के बाद फाइल करने पर 10000 रुपये तक जुर्मान देना होगा।। सालाना 5 लाख रुपये तक की आय पर अधिकतम 1000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।