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रिटर्न फाइलिंग के बाद मिला नोटिस, कैसे दें जवाब!

प्रकाशित Fri, 03, 2017 पर 14:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन की राय।


रिटर्न समय पर भरने के बाद भी अगर इनकम टैक्स की तरफ से नोटिस आ जाएं तो घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि कई बार रिटर्न मिसमैच होता है। जिसके चलते टैक्सपेयर्स को सेक्शन 139(9) के तहत नोटिस मिल सकता है। अगर आपने जानकारी सही नहीं है तो नोटिस आना संभव है। साथ ही अगर टैक्स ऑडिट रिपोर्ट अटैच नहीं की तो भी नोटिस आ सकता है। इसलिए टैक्सपेयर्स को बैलेंसशीट और प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट की जानकारी देना जरुरी होता है। बलवंत जैन का कहना है कि रिटर्न के नंबर मिसमैच होने पर भी नोटिस आ सकता है। सेल्स असेसमेंट टैक्स नहीं भरा तो रिटर्न डिफेक्टिव नहीं होगा हालांकि ब्याज का जुर्माना भरना होगा।


उन्होंने आगे कहा कि अगर रिटर्न भरने के बाद भी नोटिस आती है टैक्सपेयर्स को नोटिस का जवाब 15 दिन के भीतर देना जरुरी होता है। आईटीआर-5 को 120 दिन के अंदर बंगलूरु भेजना जरुरी है। ई-वेरिफाई भी कर सकते है। नोटिस आने पर टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लें।


बलवंत जैन का कहना है कि नाबालिग को 2 तरह से इनकम हो सकती है। पहली ऐक्टिव इनकम और दूसरी पैसिव इनकम। ऐक्टिव इनकम, प्रतिभा और ज्ञान पर आधारित कमाई होती है जबकि पैसिव इनकम गिफ्ट या निवेश से होनेवाली आय होती है। पैसिव इनकम मां-बाप की आय से जुड़ेगी।  नाबालिग की कमाई 1500 रुपये तक की छूट मिलती है, लेकिन 1500 रुपये से अधिक होने पर मां-बाप की आय से जुड़ेगी। हालांकि अगर नाबालिग दिव्यांग है तो इनकम क्लब नहीं होगी।