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टैक्स गुरु - बजट स्पेशल: किसकी बचत, किसको चपत

प्रकाशित Thu, 02, 2017 पर 17:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मिडिल क्लास को टैक्स छूट की घोषणा करके वाहवाही तो लूट ली, लेकिन कई ऐसे नए नियम बजट के फाइन प्रिंट्स में हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना टैक्सपेयर्स की मुसीबत बढ़ा सकता है। लेकिन हम आपकी मुसीबत को बढ़ाएंगे नहीं, बल्कि उन्हें आसान बनाएंगे। आज टैक्स गुरु में हम आपके लिए इन्हीं फाइन प्रिंट्स को पेश करेंगे, और आपके लिए इनकी बारीकियां समझाएंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली।


घर किराये पर टीडीएस का नया नियम, और दूसरा है देरी से रिटर्न भरने पर भारी जुर्माना, इन नए नियमों से टैक्सपेयर्स की परेशानी बढ़ने के आसार हैं। दरअसल अब 50,000 रुपये प्रति महीने या ज्यादा किराया देने पर टीडीएस काटना होगा। किरायेदार के ऊपर टीडीएस काटने की जिम्मेदारी होगी। टीडीएस 5 फीसदी की दर से काटना होगा। 1 जून 2017 से नया नियम लागू होगा। इस प्रावधान के लिए इनकम टैक्स एक्ट में नया सेक्शन 194-आईबी जोड़ा गया है। साल में सिर्फ एक बार टीडीएस काटने की छूट होगी और किरायेदार को टैन लेने की जरूरत नहीं होगी।


वहीं, अब देरी से आईटी रिटर्न भरना आपके लिए मुश्किल का सबब बन सकता है। देर से टैक्स रिटर्न भरने के लिए फीस देनी होगी। फीस की रकम 10,000 रुपये तक हो सकती है। तय तारीख के बाद 31 दिसंबर तक रिटर्न भरने पर 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। 31 दिसंबर के बाद रिटर्न भरने पर 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। 5 लाख रुपये तक आय वालों को 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा।


इस बार बजट में प्रावधान किया गया है कि पहली बार टैक्स भरने वालों की स्क्रूटनी नहीं होगी। लोगों को टैक्स भरने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की जाएगी। पहली बार टैक्स भरने वालों से कोई पूछताछ नहीं होगी। वहीं, आईटी अफसरों को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। टैक्स के 10 साल तक पुराने मामले खोले जा सकेंगे। 50 लाख या ज्यादा की अघोषित आय या जायदाद के मामले खोले जा सकेंगे। फिलहाल 6 साल पुराने मामले खोले जाने का नियम है। 1 अप्रैल 2017 से नया नियम लागू होगा। टैक्स अफसर 2007 तक के मामले दोबारा खोल सकेंगे।


टैक्सपेयर्स को रिफंड 1 साल के भीतर मिलेगा। रिफंड ना देने की वजह आईटी अफसर को बतानी होगी। बजट में वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास को तोहफा दिया है। 5 लाख तक आय वालों के लिए टैक्स रेट 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। 3 लाख तक आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। 50 लाख रुपये तक आय वालों को अधिकतम 12,875 रुपये का फायदा होगा। सेक्शन 87ए के तहत अधिकतम 3.5 लाख आय वाले लोगों को फायदा होगा। सेक्शन 87ए में अधिकतम छूट 2,500 रुपये की गई है।


वहीं बजट में 50 लाख से 1 करोड़ तक की आय वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज का एलान किया गया है। इसके अलावा 1 करोड़ रुपये से ज्यादा आय वालों पर 15 फीसदी सरचार्ज का एलान किया गया है।