टैक्स गुरुः जाने क्या है कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम के फायदे -
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टैक्स गुरुः जाने क्या है कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम के फायदे

प्रकाशित Thu, 02, 2017 पर 18:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी धबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगी क्लियरटैक्स डॉट इन की प्रीति खुराना।


टैक्स गुरु में सबसे पहले क्या होती है कैपिटल गेन अकाउंट्स स्कीम और इसका फायदा कौन उठा सकते है। साथ ही जानेंगे कि पर्मानेंट अकाउंट डिलेट्स में किसी तरह का बदलाव करना है तो क्या है इसकी प्रक्रिया।


प्रीति खुराना का कहना है कि टैक्सबेल लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स बचाने के लिए कैपिटल गेन अकाउंट होता है। हाउस प्रॉपर्टी को 3 साल तक रखने के बाद बेचने पर एलटीसीजी होता है। रिटर्न फाइल करने के पहले एलटीसीजी का दोबारा निवेश जरुरी है। नया घर खरीदने या बनने से  एलटीसीजी पर टैक्स बच सकता है। अगर किसी कारण घर ना खरीद पाएं तो कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम में निवेश करें। हालांकि कैपिटल गेन अकाउंट चुनिंदा बैंकों या वित्तीय संस्थानों में खोल सकते है।


सवालः जून 2016 में 15 लाख रुपये में घर बेचा था लेकिन नया घऱ अभी तक नहीं खरीदा है, कैपिटल गेन अकाउंट के बजाय पैसे को सेविंग्स अकाउंट में ही रखा था। क्या इस रकम पर टैक्स देना होगा?


प्रीति खुरानाः सबसे पहले देखें कि घर बेचने पर हुआ फायदा शॉर्ट टर्म गेन है या लॉन्ग टर्म। 3 साल से पहले प्रॉपर्टी बेची हो तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन को इनकम में जोडकर स्लैब के मुताबिक टैक्स देना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर इंडेक्सेशन के बाद 20 फीसदी टैक्स देना होगा। एलटीसीजी टैक्स बचाने के लिए प्रॉपर्टी खरीदें या कैपिटल गेन अकाउंट में पैसे रखें। रिटर्न भरने की तारीख तक आपके पास कैपिटल गेन अकाउंट खोलने का विकल्प है।


सवालः  खेती की जमीन 8 लाख रुपये है जिसे साल भर बाद 10 लाख रुपये बेचना चाहते है। क्या होने वाले मुनाफे पर टैक्स देना होगा?


प्रीति खुरानाः आपको देखना होगा कि खेती की जमीन कैपिटल एसेट है या नहीं। ग्रामीण इलाके में जमीन होने पर उसे बेचने पर हुआ मुनाफा टैक्स फ्री कहलाता है। जमीन अगर कैपिटल एसेट है तो फायदे को इनकम में जोड़कर टैक्स देना होगा।


सवालः जून 2013 से जून 2016 तक एक कंपनी में काम किया। जहां पीएफ अकाउंट था जून 2016 के बाद जो नई कंपनी ज्वाइन की और वहां पीएफ की सुविधा नहीं है। कब इस पीएफ अकाउंट से पैसे निकलें ताकि टैक्स ना देना पड़े?


प्रीति खुरानाः 5 साल पहले पीएफ अकाउंट से पैसे निकालने पर टैक्स देना पड़ेगा। पुराने नियमों के मुताबिक 5 साल के बाद पीएफ अकाउंट से पूरा पैसा निकाल सकते थे। नए निय़मों के मुताबिक रिटायरमेंट के पहले पीएफ अकाउंट से पूरे पैसे निकालने की अनुमति नहीं है। आप सिर्फ अपना कंट्रीब्यूशन और उस पर मिला ब्याज पीएफ अकाउंट से निकाल सकते है। पीएफ अकाउंट से 50,000 से ज्यादा निकालने पर टीडीएस कट जाएगा। कम से कम 5 साल तक पीएफ अकाउंट जारी रखें।