Moneycontrol » समाचार » टैक्स

बदला प्रॉपर्टी पर कैपिटल गेन्स का नियम, किसे मिलेगा फायदा

प्रकाशित Thu, 31, 2017 पर 13:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल की राय।


मुकेश पटेल का कहना है कि इनकमक टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल का फैसला टैक्सपेयर्स के हक में लिया गया है। अब प्रॉपर्टी का कैपिटल गेन नई प्रॉपर्टी में लगाने पर टैक्स में छूट मिलेगी। एक से ज्यादा प्रॉपर्टी बेचने पर दोनों के कैपिटल गेन का निवेस नई प्रॉपर्टी में करने से छूट मिलेगी। ट्रिब्यूनल ने सेक्शन 54, 54एफ की विवेचना करने के बाद यह फैसला दिया है। इस फैसले के बाद एक प्रॉपर्टी का कैपिटल गेन एक से ज्यादा नई प्रॉपर्टी मे नहीं लगा सकते है।


सवालः पिछले वित्त वर्ष में करीब 120 दिन यूके में काम किया था, क्या वहां कि सैलरी इनकम को भी अपने आयकर रिटर्न में जोड़ना होगा और इस पर टैक्स देना होगा?


मुकेश पटेल: आप भारत में 182 दिनों से ज्यादा रहे हैं। आपका रिहायशी दर्जा निवासी का माना जाएगा। विदेश में हुई कमाई पर भी भारत में टैक्स देना होगा। विदेश में टैक्स चुकाया होगा तो यहां टैक्स छूट मिलेगी।


सवालः मां के साथ मिलकर एक एफडी खोली थी। मां का देहांत होने की वजह से फॉर्म 15जी या 15एच जमा नहीं हो पाया था, बैंक ने एफडी के ब्याज पर टीडीएस काट लिया है। क्या इस टीडीएस का रिफंड लेने का कोई तरीका है?


मुकेश पटेल: मां की इनकम पर मिलने वाला रिफंड आप क्लेम नहीं कर सकते है। मां की मौत की तारीख तक की इनकम का रिटर्न मां के नाम पर भरें। मां की मौत के बाद की इनकम का रिटर्न कानूनी वारिस के तौर पर भरें। आप इनकम टैक्स कीवेबसाइट पर कानूनी वारिस के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराएं। आपको इपना इनकम टैक्स रिटर्न अलग से भरना होगा जिसके बादा आप रिफंड क्लेम कर सकते हैं।