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टैक्स गुरुः पाएं टैक्स की हर मुश्किल का हल

प्रकाशित Sat, 22, 2017 पर 13:55  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इनकम टैक्स रिटर्न भरने का समय आ गया है और लगातार इससे जुड़ी खबरें भी आ रही है। तो रहिए इन सभी खबरों से बाखबर और दूर कीजिए टैक्स रिटर्न से जुड़ी किसी भी उलझन को अपने पर्सनल टैक्स गाइड टैक्स गुरु के साथ और आज इस काम में आपकी मदद करेंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली


विदेशी आय पर सीबीडीटी की नजर 
सीबीडीटी का निर्देश है कि विदेश से पैसे पाने वालों का 30 अप्रैल तक केवायसी होगा और उन्हें बैंकों को अपना रेसिडेंशियल स्टेट्स बताना होगा। विदेश से आए पैसे या विदेश भेजे पैसे का मकसद भी बताना होगा। बैंक को पैन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट की कॉपी देनी होगी। केवायसी नहीं करनी करने पर बैंक अकाउंट फ्रीज हो सकते हैं। और केवायसी कराने पर ही अकाउंट रिएक्टिवेट होगा।  


कैसे जोड़े पैन को आधार से 
पैन और आधार कार्ड में अलग-अलग नाम होने की वजह से दिक्कत हो सकती है। आपको अपने पैन कार्ड में सुधार करा लेना चाहिए। एनएसडीएल पोर्टल के जरिए पैन करेक्शन फॉर्म भर सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट जरुरी है। पैन नंबर नहीं बदला इसलिए बैंक को बताने की जरुरत नहीं है। पैन और आधार कार्ड पर जन्मतिथि एक है इसलिए दिक्कत नहीं है।


डिजिटल सिग्नेचर का महत्त्व
आनेवाले दिनों में डिजिटल सिग्नेचर का महत्त्व बढ़ेगा। इसकी जरुरत लोगों को ऑनलाइन आनेदनों में पड़ सकती है। डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट 1 साल या 2 साल की अवधि के लिए जा सकता है। डिजिटल सिग्नेचर सरकार के अधिकृत वेंडरों से बनवा सकते हैं।


किसके लिए जरुरी है आईटी रिटर्न
अगर आप इनकम टैक्स का रिफंड लेना चाहते है तो आईटी रिटर्न भरना जरुरी है। वहीं अगर आपको इक्विटी से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हुआ है। अगर आप भारतीय नागरिक है और विदेश में कोई जायदाद है। और अगर आप भारतीय नागरिक है और विदेश में बैंक अकाउंट है, तो आपको आईटी रिटर्न भरना जरुरी है। वहीं अगर आपको ट्रस्ट की किसी प्रॉपर्टी से इनकम होती है, तब भी आईटी रिटर्न भरना जरुरी होगा।