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टैक्स गुरुः पाएं टैक्स की हर मुश्किल का हल

प्रकाशित Sat, 24, 2017 पर 16:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरु में आज हम लेकर आए है टैक्स से जुड़े आपके हर सवाल का जवाब। फिर चाहे वो टैक्स में हुए बदलाव की जानकारी हो या फिर टैक्स रिटर्न फाइल करने में आने वाली छोटी-छोटी दिक्कते, इन सभी उलझनों को सुलझाएंगे टैक्स गुरु मुकेश पटेल। 


सवालः फॉर्म 15जी/15एच के नियमों में क्या हुए बदलाव?


जबावः 30 मई 2017 को सीबीडीटी ने नोटिफिकेशन जारी किया है और यह नोटिफिकेशन एफडी के निवेशकों के लिए समझना जरुरी है। अब तक एफडी निवेशक को साल की शुरुआत में फॉर्म 15जी/15एच भरना पड़ता था। उन्हें पूरे साल में दोबारा फॉर्म 15जी/15एच भरने की जरुरत नहीं होती थी। लेकिन अब जब भी एफडी करे तब फॉर्म 15जी/15एच भरना ना भूलें। अगर आप 15जी/15एच भरना भुल जाते हैं तो टीडीएस कट जाएगा।


सवालः क्या है सीबीडीटी का नोटिफिकेशन?


जबावः शेयर लेते वक्त एसटीटी नहीं दिया हो तो ज्यादातर मामलों में उसकी बिक्री पर एलटीसीजी देना होता है। सरकार ने कुछ विशेष मामलों को छोड़कर एलटीसीजी छूट हटाने का ऐलान किया है। गिफ्ट, वसीयत, ईएसओपी, डीमर्जर, बायबैक जैसे मामलों में एसटीटी नहीं चुकाना होता है। 5 जून को सीबीडीटी ने नोटिफिकेशन जारी कर सफाई दी है। बताया गया है कि कब एलटीसीजी नहीं लगेगा। वसीयत, उत्तराधिकारी, डीमर्जर जैसे तरीकों से शेयर मिले हों तो एलटीसीजी नहीं देना होगा। 


सवालः 4 साल से ज्यादा समय तक रखने के बाद 2 लिस्टेज कंपनियों के शेयर मौजूदा कारोबारी साल में बेचें, इन पर एसटीटी चुकाया गया था, क्या आईटी रिटर्न में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का ब्यौरा देना पड़ेगा?
 
जबावः
2.5 लाख रुपये तक की बेसिक एक्जेंप्शन लिमिट है। एलटीसीजी से हुई इनकम पर टैक्स नहीं देना होता है। लोग एक्जेंप्शन इनकम होने पर रिटर्न नहीं भरते हैं। आपको एक्जेंप्ट इनकम को अपनी इनकम में जोड़ना होगा। अगर इनकम एक्जेंप्शन लिमिट से ज्यादा है तो रिटर्न भरना होगा। टैक्स की देनदारी ना हो तो रिटर्न भरना होगा। शेड्यूल ईआई में आपको एक्जेंप्ट इनकम की जानकारी देनी होगी।