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टैक्स गुरु: रिटर्न से जुड़ी हर बारीकी का पाएं हल

प्रकाशित Thu, 09, 2016 पर 12:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी धबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगी क्लियरटैक्स डॉट इन की प्रीति खुराना।


सवालः रिटर्न भरना है लेकिन ये कंफ्यूजन बना हुआ है कि ई-रिटर्न भरें या पेपर रिटर्न? क्या पेपर रिटर्न अब खत्म हो गया है?


जवाब: आयकर विभाग चाहता है कि क्रमश: सभी टैक्स पेयर अपने रिटर्न ऑन लाइन ही फाइल करें। आने वाले समय में सभी को अनिवार्य रुप से अपने रिटर्न ऑनलाइन ही फाइल करने होंगे। लेकिन कुछ कंडीशंस ऐसी हैं जहां आपको अपना एक रिटर्न अनिवार्यतौर पर ऑनलाइन ही फाइल करना होता है। जैसे अगर आपकी कुल आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है या फिर यदि आप आयकर विभाग से रिफंड जाह रहे हैं तो आपको रिफंड की रिटर्न ऑनलाइन ही भरनी होगी। आईटीआर 3, आईटीआर 4, आईटीआर 5, आईटीआर 6 और आईटीआर 7 के लिए ऑनलाइन रिटर्न फाइल करना अनिवार्य है।


प्रीति खुराना के मुताबिक रिटर्न भरने के कई फायदे हैं। इससे टीडीएस फंड का क्लेम मुमकिन होता है। ये लोन के लिए इनकम का प्रूफ होता है। लॉस कैरी फॉरवर्ड के लिए भी ये फायदेमंद होता है। प्रीति खुराना ने बताया कि आईटीआर-1 सहज, आईटीआर-2, आईटीआर-2ए, आईटीआर-3, आईटीआर-4, आईटीआर-4 सुगम, आईटीआर-5, आईटीआर-6 और आईटीआर-7 रिटर्न फार्म के प्रकार हैं।


आईटीआर-1 उनको भरना होता है जिनकी 5000 रुपये तक की कृषि आय(एक्जेंप्ट इनकम), दूसरे स्रोत से आय हो। आईटीआर-2ए उनके लिए है जिनकी सैलरी, पेंशन या ब्याज से आय होती हो, कृषि आय 5000 रुपये से ज्यादा हो, एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी हो,कैपिटल गेन्स से इनकम/घाटा हो, विदेश में संपत्ति या विदेश से आय हो। आईटीआर-3 उनके लिए है जो फर्म्स में पार्टनर हैं। वहीं आईटीआर-4 सुगम उनके लिए है जिनकी प्रिजंप्टिव इनकम हो या जो एचयूएफ हों।


प्रीति खुराना की राय है कि रिटर्न समय पर जरूर भरें, रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है, इस बात का ध्यान रखें। टीडीएस कटौती हो गई हो तो भी रिटर्न भरना जरूरी है।। आपकी आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको रिटर्न भरना होगा। रिटर्न भरते समय विदेश की किसी भी जायदाद/आय को रिटर्न में जरूर दिखाएं। विदेश से आय हो तो आईटीआर-1, 2ए, 4एस नहीं भर सकते। इसके लिए शेड्युल एफ ए में सारी जानकारी दें।


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