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टैक्स गुरुः क्यों और कब बनाएं गिफ्ट डीड

प्रकाशित Sat, 15, 2016 पर 15:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे सक्षम वेंचर्स के फाउंडर अमिताभ सिंह।


सवालः गिफ्ट डीड कब बनता है, क्या जो भी गिफ्ट मिलता है सबके लिए गिप्ट डीड बनाने की जरूरत होती है, इसका फार्मेट क्या होता है?


जवाब: त्योहारों में लिए-दिए जाने वाले छोटे-मोटे गिफ्ट के लिए गिफ्ट डीड की कोई जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर कैश या अचल संपत्ति के रुप में कोई बड़ा गिफ्ट दिया जा रहा है तो वहां पर गिफ्ट डीड बहुत जरूरी हो जाता है। खास कर अगर गिफ्ट जमीन या भवन कैसी कोई अचल संपत्ति है तो कानून के हिसाब से गिफ्ट डीड बहुत जरूरी है। इसके लिए न सिर्फ गिफ्ट डीड ही बननी चाहिए बल्कि उसकी रजिस्ट्री भी होनी चाहिए तभी वह मान्य होगी।


जमीन या घर की गिफ्ट डीड बनाने के लिए वकील या जानकार की मदद लें। वहीं अगर नकदी या शेयर गिफ्ट में मिलें तो सामान्य गिफ्ट डीड भी मान्य होगा। गिफ्ट डीड मे तोहफा लेने और देने वाले दोनों का नाम होना चाहिए। बता दें कि रिश्तेदारों से गिफ्ट लेने पर गिफ्ट टैक्स नहीं लगेगा।


सवालः एनआरआई को प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर किस तरह के टैक्स प्रावधान हैं? अगर एनआरआई का कोई पीपीफ एकाउंट है तो क्या करे?


जवाब: यूएस में रहने वाली बेटी को गिफ्ट देने से पहले वहां के नियमों को भी ध्यान में रखें। भारतीय कानूनों के मुताबिक बेटी को प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने पर कोई टैक्स नहीं लगता। अगर बेटी को भारत नहीं लौटना है तो उसका पीपीएफ एकाउंट से पैसे निकाल कर उसे बंद कर दें। बता दें कि भारत में उत्तराधिकार कर नहीं है। लेकिन अमेरिका में ये कर लगता है। आपको ये भी सलाह होगी कि कोई फैसला करने से पहले अमेरिकी टैक्स सलाहकार से मशविरा जरूर कर लें।