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टैक्स गुरुः जानिए टैक्स प्लानिंग की हर बारीकियां

प्रकाशित Fri, 13, 2017 पर 13:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हाजिर है टैक्स से जुड़ी आपकी हर उलझन को दूर करने के लिए आपका पसंदीदा शो टैक्स गुरु। और आज आपको टैक्स प्लानिंग की बारिकिया सिखाएंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन और साथ ही लेंगे टैक्स से जुड़े आपके हर सवाल।


रिटर्न फाइलिंग के क्या है नए नियम


बलवंत जैन का कहना है कि 2016 के बजट में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से जुड़े प्रावधान बदले गए थे। मौजूदा वित्त वर्ष 2016-17 के आईटी रिटर्न से यह नए नियम लागू होगें। वित्त वर्ष 2016-17 के रिटर्न कभी भी रिवाइज कर सकेंगे।


एनआरआई, एनआरओ अकाउंट में अंतर


एमआरआई को अपने मौजूदा सेविंग्स अकाउंट को एनआरओ अकाउंट में बदलवाना पड़ता है। एनआरओ यानि नॉन रेसिडेंट ऑर्डिनरी अकाउंट और एनआरई अकाउंट दो तरह के होते है। एनआरई अकाउंट रुपये में या विदेश मुद्रा में खोल सकते हैं। वहीं एनआरओ अकाउंट में रकम डिपॉजिट करने की कोई सीमा नहीं है। एनआरओ अकाउंट होनेवाली इनकम टैक्सबेल होती है। एनआरई अकाउंट का टर्म खत्म होने तक ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता। भारत में लौट आने पर एनआरई अकाउंट का ब्याज टैक्सबेल होता है।


क्या है सेक्शन 54 ईसी के नियम


सेक्शन 54 ईसी के तहत कैपिटल गेन बॉन्ड में 50 लाख तक का निवेश कर सकते है। हर साल 54ईसी का बेनेफिट ले सकते है। ध्यान रखें कि कैपिटल गेन होने के 6 महीने में निवेश जरुरी होता है।