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टैक्स गुरुः जानें टैक्स के हर छोटे बड़े नियम का ब्योरा

प्रकाशित Sat, 21, 2017 पर 18:38  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल।


सवाल: पहला सवाल प्रॉपर्टी पर कैपिटल गेन्स के नियम से जुड़ा हुआ है। इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ने प्रॉपर्टी पर कैपिटल गेन्स से जुड़ा एक अहम फैसला दिया है। अब एक से ज्यादा कंपनी का कैपिटल गेन इनवेस्ट करके आप उसमें टैक्स छूट ले सकते हैं।


जवाब: इस पर मुकेश पटेल का कहना है कि इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल का फैसला टैक्सपेयर्स के हक में लिया गया है। अब प्रॉपर्टी का कैपिटल गेन नई प्रॉपर्टी में लगाने पर टैक्स में छूट मिलेगी। एक से ज्यादा प्रॉपर्टी बेचने पर दोनों के कैपिटल गेन का निवेश नई प्रॉपर्टी में करने से छूट मिलेगी। ट्रिब्यूनल ने सेक्शन 54, 54एफ की विवेचना करने के बाद यह फैसला दिया है। इस फैसले के बाद एक प्रॉपर्टी का कैपिटल गेन एक से ज्यादा नई प्रॉपर्टी में नहीं लगा सकते हैं।


सवाल: होम लेन बेनिफिट पर ये उलझन है कि 2 घर हों तो टैक्स छूट कैसे मिलेगी? सुझाव दें।


जवाब: ऐसा नहीं है कि 2 लाख रुपये से ज्यादा ब्याज हाउस प्रॉपर्टी की इनकम से नहीं घटा सकते। सेक्शन 71 कहता है कि प्रॉपर्टी का लॉस किसी और इनकम से घटाने पर 2 लाख की लिमिट होगी।, होम लोन का ब्याज 2 लाख रुपये से ज्यादा भी हो तो तो हाउस प्रॉपर्टी का इनकम से उसे घटा सकते हैं। सेक्शन 71 कहता है कि हाउस प्रॉपर्टी का लॉस किसी और इनकम से घटाने पर 2 लाख की लिमिट होगी। होम लोन का ब्याज 2 लाख रुपये से ज्यादा भी हो तो तो हाउस प्रॉपर्टी की इनकम से उसे घटा सकते हैं।