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टैक्स गुरुः जानें कैसे खरीद सकतें एनआरआई भारत में प्रॉपर्टी

प्रकाशित Wed, 06, 2017 पर 18:59  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली की राय।


शरद कोहली का कहना है कि एनआरआई भारत में रिहायशी और कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीद सकते है लेकिन वह खेती की जमीन नहीं खरीद सकते। विदेश के बैंक खाते, एनआरई या एनआरओ अकाउंट से प्रॉपर्टी की खरीदारी मुमकिन है। शरद कोहली ने आगे बताया कि भारत में प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम टैक्सबेल होगी। प्रॉपर्टी पर मौजूदा कैपिटल गेन टैक्स नियम भी लागू होगें। टैक्स नियम यानि सेक्शन 194-IA के तहत 50 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी पर 20 फीसदी टीडीएस देना होगा जबकि 50 लाख से कम की प्रॉपर्टी पर भी टीडीएस की देनदारी की जायेगी।


सवालः साल 2004 में टीसीएस के 17 शेयर खरीदें थे, 2006 में 17 और 2009 में 34 बोनस शेयर मिले, जून 2017 में बायबैक में सारे शेयर बेच दिए, क्या इस पर लॉन्ग कैपिटल गेन टैक्स देना होगा?


शरद कोहलीः कंपनी डायरेक्ट या एक्सचेंज के जरिए शेयर बायबैक कर सकती है। एक्सचेंज के जरिए शेयर बेचने पर एसटीटी चुकानी पड़ती है। अगर आप एसटीटी दें चुके है तो कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा।


सवालः कमाई केवल बैंक ब्याज से होता है जो 2.5 लाख से कम है, क्या इस पर टैक्स देना होगा?


शरद कोहलीः आमतौर पर टैक्सबेल लिमिट से कम आय होने पर रिटर्न भरना जरुरी नहीं है। एफडी पर ब्याज पर बैंक ने अगर टीडीएस काटा तो रिटर्न भरने होगा। टीडीएस कटने पर इनकम एक्जेंप्शन लिमिट से कम होने पर भी रिटर्न फाइल करना जरुरी होता है। बैंक में फॉर्म 15जी/ 15एच जमा करने पर टीडीएस नहीं कटता है।