Facebook Pixel Code = /home/moneycontrol/commonstore/commonfiles/header_tag_manager.php
Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स गुरुः एचयूएफ को कैसे मिलती है टैक्स छूट

प्रकाशित Fri, 21, 2016 पर 19:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। आज टैक्स गुरु के जरिए जानेंगे कि एचयूएफ बनाना टैक्स सेविंग के नजरिए कैसे होता है फायदेमंद। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन।


बलवंत जैन का कहना है कि टैक्स नियमों के मुताबिक एचयूएफ एक अलग हस्ती है। परुवार के किसी सदस्य की तरह एचयूएफ की भी टैक्स फाइल होती है। एचयूएफ को भी 2.5 लाख रुपये की बेसिक एक्जेंप्शन मिलिट का फायदा मिलला है। एचयूएफ को भी सेक्शन 80 सी में निवेश पर 1.5 लाख रुपये की छूट होती है। हालांकि एचयूएफ पीपीएफ एकाउंट नहीं खोल सकता। मेंबर के पीपएफ खाते में निवेश कर सकता है एचयूएफ। एचयूएफ हिंदू, जैन, बौध्द या सिख धर्म के लोग बना सकते है। मुस्लिम, ईसाई या पारसी एचयूएफ नहीं बना सकता। परिवार के सभी सदस्य एचयूएफ के मेंबर होते हैं।


बलवंत जैन के मुताबिक एचयूएफ में 2 तरह के सदस्य को- पार्सनर और मेंबर बनाया जाता है। और परिवार में जिनका जन्म हुआ वो एचयूएफ के को- पार्सनर  बन सकता है। साथ ही परिवार में विवाह के जरिए जो आए है वो मेंबर भी इसका हिस्सा बना सकते है। को- पार्सनर को एचयूएफ मांगने का अधिकार है।


सवालः प्रॉपर्टी पर कैपिटल गेन को इंडेक्स टैक्स करता हूं। तो उस टैक्स का भूगतान कब तक भरा जा सकता है। साथ ही जानना है कि कैपिटल गेन को भूगतान इंडेक्स टैक्स के जरिए किया जाएं या आरईसी बॉन्ड के जरिए।  


बलवंत जैनः एडवांस टैक्स की नियत तारीख तक टैक्स भरना होता है और आप 15 दिसंबर तक 75 फीसदी एडवांस टैक्स चुका दें। बाकी बचा हुआ एडवांस टैक्स 15 मार्च तक चुका सकते है। आईटी रिटर्न भरते वक्त आप टैक्स चुका सकते है। और 54ईसी के तहत आरईसी के बॉन्ड में निवेश पर छूट मिलती है। सिर्फ कैपिटल गेन की रकम का निवेश करने की जरुरत नहीं है। 54ईसी के तहत बॉन्ड में निवेश के लिए लॉक इन पीरिय़ड 3 साल का होता है और इससे टैक्स छूट के अलावा ब्याज आय का भी फायदा मिलता है। 


सवालः मार्च 2014 में 10 लाक रुपये में एक प्लॉट खरीदा था। लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न में इसे दिखाया नहीं था। क्या रिटर्न दोबारा फाइल करना होगा।


बलवंत जैनः 50 लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी हो तो जायदाद का खुलासा करना होगा। अगर 50 लाख रुपये से कम इनकम हो तो  जायदाद का खुलासा करने की जरुरत नहीं है। अगर आय तय सीमा से ज्यादा है तो रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते है।