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टैक्स गुरुः जानें टैक्स बचत के आसान तरीके

प्रकाशित Sat, 25, 2017 पर 14:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आइए टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन से जानते हैं टैक्स भरने और बचाने से जुड़ी आपकी हर मुश्किल का हल।
 
कौन से पर्क्स होते हैं टैक्स फ्री :-

रिटायरमेंट फंड में 1.5 लाख रुपये तक एम्लॉयर का योगदान होता है। ऑफिस में दिया जानेवाला खाना या नाश्ता टैक्स फ्री होता है। 50 रुपये मील की दर से मिलने वाले वाउचर्स, मेडिकल ट्रिटमेंट पर 15,000 रुपये तक खर्च, एम्प्लॉयर के अस्पताल में कर्मचारी या उसके परिवार के सदस्य का हुआ इलाज टैक्स फ्री होता है। किसी अस्पताल इलाज पर एम्प्लॉयर का चुकाया गया खर्च टैक्स छूट के दायरे में आता है। इसके अलावा भारत के बाहर इलाज होने पर ट्रैवल और ट्रीटमेंट का खर्च, कर्मचारियों के लिए ली गई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम, कर्मचारियों को सालाना 5000 रुपये तक का तोहफा टैक्स फ्री होता है।


होन लोन पर टैक्स छूट :-

घर का पजेशन मिलने के बाद ही टैक्स छूट मिलती है। सेक्शन 24, 80सी की छूट पजेशन के बाद ही मिलती है। सेक्शन 80ईई की छूट आपको मिल सकती है। अगर एम्प्लॉयर से 80ईई की छूट नहीं मिली तो आप रिटर्न भरने के बाद रिफंड क्लेम कर सकते हैं। आप बिल्डर से 31 मार्च 2017 के पहले पजेशन लेने की कोशिश करें। पजेशन लेने पर आपको सारे फायदे मिल सकते हैं।  


प्रॉपर्टी और कैपिटल गेन टैक्स :-

पजेशन के बाद 3 साल पूरे होने चाहिए। 3 साल पूरे होने के बाद प्रॉपर्टी बेचने पर लॉन्ग कैपिटल गेन टैक्स का फायदा मिलता है। आप एलटीसीजी का निवेश नए फ्लैट में दिखा सकते हैं। नया फ्लैट पुराना फ्लैट बेचने के सालभर पहले तक ले सकते हैं। या फिर 2 साल तक भी नया फ्लैट खरीद सकते हैं। अगर तुरंत नई प्रॉपर्टी नहीं लेनी हो तो एलटीसीजी का निवेश सेक्शन 54ईसी के बॉन्ड में कर सकते हैं।     


टैक्स रिफंड और लीव एनकैशमेंट पर टैक्स के नियम :-

अगर एम्प्लॉयर ने टीडीएस काट लिया है तो उस पर रिफंड क्लेम नहीं कर सकते हैं। एम्प्लॉयर से मिलने वाले अलाउंस के लिए बिल जमा करना जरुरी है। लीव एनकैशमेंट के नियम सेक्शन 10(10एए) में आते है। सरकारी कर्मचारी के लिए लीव एनकैशमेंट की पूरी रकम टैक्स फ्री होती है। टैक्स के नजरिए से पीएसयू बैंक के कर्मचारी सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाते हैं। गैर-सरकारी कर्मचारी के लिए लीव एनकैशमेंट सिर्फ 3 लाख रुपये तक टैक्स फ्री होता है।