Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स गुरुः जानें प्रॉपर्टी पर टीडीएस के क्या हैं नियम

प्रकाशित Wed, 05, 2016 पर 18:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स सेविंग से लेकर टैक्स प्लानिंग तक टैक्स गुरु आपकी मदद करता है। टैक्स से जुड़े हर सवाल का सरल समाधान देने की टैक्स गुरु की कोशिश रहती है। आज टैक्स गुरु में जानेंगे प्रॉपर्टी की ब्रिकी पर टीडीएस क्या है और इसे किस तरह से डिडक्ट किया जा सकता है। टैक्स गुरु में तमाम सवालों के जबाब देने के लिए टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली की सलाह और बनाएंगे आपके टैक्स को आसान।


टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली का कहना है कि कुछ साल पहले सरकार प्रॉपर्टी के ट्रांजक्शन पर टैक्स ट्रेक करना मुश्किल होता था। जिसके बाद सरकार ने 1 जून 2013 से प्रॉपर्टी खरीदार को प्रॉपर्टी बेचने वाले को जो रकम देगा  उसपर 1 फीसदी टैक्स काट ले। जिसके बाद अब टीडीएस काटने और जमा करने की जिम्मेदारी प्रॉपर्टी खरीदने वाले पर होती है। टीडीएस प्रॉपर्टी वैल्यू का 1 फीसदी होता है। बिल्डर या प्रॉपर्टी बेचनेवाले को टैक्स काटना होता है। प्रॉपर्टी सेलर रिटर्न फाइल कर टीडीएस क्रेडिट क्लेम कर सकता है। किस्तों में पेमेंट करने पर भी हर किस्त पर टीडीएस काटना होगा। यह नियम महज उन प्रॉपर्टी पर लागू होता है जो 50 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी होती है।


इस नियम के तहत प्रॉपर्टी खरीदार फॉर्म 26 क्यूबी में प्रॉपर्टी की वैल्यू भरनी होती है। फॉर्म 26 क्यूबी भरने पर ऑनलाइन चालान मिलता है। टैक्स ऑनलाइन या बैंक में जाकर भर सकते है। 7 दिनों के भीतर सेलर को फॉर्म 16बी देना जरुरी है और फॉर्म 16 बी टीडीएस सर्टिफिकेट होता है।


सवालः पत्नी के साथ मिलकर फ्लैट खऱीदा जिसकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा है, दोनों पति- पत्नी ने ईएमआई से 0.5 फीसदी टीडीएस काटकर चुकाया है। लेकिन दोनों को ही इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिला है कि कम टैक्स दिया है, क्या करें।


शरद कोहलीः आपने टीडीएस डिपॉजिट में भूल की है। पति- पत्नी दोनों को 1-1 फीसदी टैक्स जमा करना होगा। बकाया टैक्स 1.5 फीसदी ब्याज के साथ जमा कर दें।


सवालः वर्ष 2013-2014 में फाइनेशिंयल इयर से कुछ टीडीएस काटा गया। इनकम ज्यादा ना होने के कारण इनकम रिटर्न फाइल नहीं किया था। लेकिन फिर भी उनका टैक्स काटा गया। टीडीएस रिफंड का क्या तरीका है।


शरद कोहलीः सर्कुलर 670 के तहत टीडीएस रिफंड क्लेम में देरी के मामले आते है। एसेसिंग ऑफिसर या इनकम टैक्स कमिश्नर को देरी माफ करने का अधिकार है। टैक्स विभाग मे रिफंड क्लेम के लिए अर्जी दें। अर्जी मंजूर होने के बाद फॉर्म 1 य़आ 2 ए में रिटर्न फाइल कर टैक्स क्लेम करें।


सवालः वर्ष 2013-2014 में जिस कंपनी में काम करते थे, उसने 12 महीने तक टीडीएस काटा, फॉर्म 26 एएस में सिर्फ 3 महीने की ही एंट्री दिख रही है। आयकर विभाग से बकाया टैक्स चुकाने का नोटिस भी मिला, इसका क्या जवाब दें।


शरद कोहलीः कंपनी ने टैक्स काटा लेकिन जमा नहीं किया होगा। और टैक्स जमा हेने के बाद ही फॉर्म 26 एएस में दिखता है। टैक्स जमा करने की जिम्मेदारी करदाता की है। नोटिस के बाद बकाया टैक्स आपको जमा करना होगा। कंपनी को कानूनी नोटिस भेज सकते है। टैक्स काटने के बाद जमा नहीं करना कानूनी जुर्म है।