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टैक्स गुरुः नया आईटीआर-1, जानें बारीकियां

प्रकाशित Mon, 23, 2018 पर 13:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली की सलाह।


आईटीआर 1 में सहज फॉर्म में अब टैक्सपेयर्स को देना है सैलरी ब्रेकअप और आईटीआर 1 की बारीकियों पर बात करते हुए टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली ने कहा कि नए फॉर्म में सैलरी की विस्तार में जानकारी देनी होगी। सैलरी के अलावा 4 अतिरिक्त कॉलम दिए गए है। पहले कॉलम में भत्तों (एचआरए और एलटीए) की जानकारी देनी होगी। वहीं दूसरे कॉलम में कार और मकान जैसी सुविधा की जानकारी देनी होगी जबकि तीसरे कॉलम में कंपनी से मुनाफे का हिस्सा मिलने पर दिखाना होगा। चौथे कॉलम में स्टैंडर्ड डिडक्शन के क्लेम की जानकारी देनी होगी।


सवालः  एक निजी कंपनी में काम करते हैं। सैलरी के अलावा फ्यूचर ट्रेडिंग से पिछले साल 30000 रुपये कमाए थे। क्या इस आय को प्रिजम्पटिव इनकम के तौर पर दिखा सकते है ताकि हिसाब- किताब रखने से छूटकारा मिल जाएं। अगर हां तो कौन से आईटीआर में दिखाएं?


शरद कोहलीः फ्यूचर ट्रेडिंग से आय पर प्रिजम्पटिव इनकम टैक्स स्कीम का फायदा मिलेगा।  फ्यूचर ट्रेडिंग से आय बिजनेस इनकम होती है। आईटीआर-4 में  फ्यूचर ट्रेडिंग से आय और सैलरी दिखाएं।