Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स गुरुः सुलझाएं टैक्स से जुड़ी तमाम उलझनें

प्रकाशित Thu, 23, 2016 पर 12:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली


सवालः शरद ये बताएं कि आईटीआर 2 और आईटीआर 2ए फार्मा में क्या अंतर है, और किन लोगों को इनको भरना है?


जवाब: फार्म1 है वह सहज है, जिसके बारे में ज्यादातर करदाताओं को पता है। इसमें आपको सिर्फ वेतन, हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली आय का विवरण देना होता है। लेकिन जैसे ही आप एक से दूसरी प्रॉपर्टी लेते हैं तो फिर आप फार्म 1 नहीं फाइल कर सकते फिर सहज आपके लिए नहीं रह जाता। क्योंकि आईटीआर 2 और आईटीआर 2ए थोड़े बड़े साइज के फार्म हैं।


आपको बता दें कि एक से ज्यादा प्रॉपर्टी होने पर आईटीआर-1 नहीं भरा जा सकता। ऐसा होने पर आपको आईटीआर-2 भरना होगा जिसके कई सेक्शन और सेग्मेंट हैं। आईटीआर-2 आप खुद पढ़कर भर सकते हैं।


आईटीआर-2 उन लोगों के लिए है जिनकी सैलरी से इनकम, एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी, अन्य स्रोत और कैपिटल गेंस से आय हो। वहीं आईटीआर-2 ए उन लोगों के लिए है जिनकी सैलरी से इनकम, एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी, विदेश में आय/संपत्ति होने और अन्य स्रोत से आय हो।


शरद कोहली ने कहा कि जैसे ही आप फार्म 2 या सहज से फार्म-2 या फार्म-2 ए पार जाते हैं वैसे ही रिटर्न भरना आपके लिए बहुत सहज नहीं रह जाता इसके लिए करदाताओं को मानसिक तौर पर तैयार रहना चाहिए।


वीडियो देखें