Facebook Pixel Code = /home/moneycontrol/commonstore/commonfiles/header_tag_manager.php
Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स गुरुः बजट में हो सकती है खुशखबरी!

प्रकाशित Wed, 25, 2017 पर 18:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पूरे देश की निगाहें 1 फरवरी पर टिकी हुई है। जब वित्त मंत्री अरुण जेटली पेश करेंगे बजट। वो इसलिए क्योंकि नोटबंदी के बाद बजट पहला एक ऐसा बड़ा सरकारी दस्तावेज होगा जो यह तक कर देगा कि नोटबंदी से चोट खाये अर्थव्यवस्था को कैसे सुधारा जाये औऱ सरकार के पास इसके लिए प्लान है। माना जा रहा है कि नोटबंदी के बाद बैंक डिपॉजिट बढ़ने और नए वित्त वर्ष में जीएसटी लागू होने से टैक्स का दायरा बढ़ेगा। ऐसे में सरकार के पास राहत उपाय योजना घोषित करने की गुजाइंश भी है औऱ बजट में आम लोगों से लेकर बिजनेस, नौकरी पेशा , कंपनियों इन सभी के लिए खुश-खबरी आ सकती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वित्त मंत्री जा सभी के उम्मीदों को पूरा कर पायेगें और टैक्स राहत के लिए किस तरह के एलान हो सकते है।


टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल का कहना है कि 2017 का बजट वित्त मंत्री के पास सुनहरा मौका है। वित्त मंत्री से मीठी खबरें सुनाने की उम्मीद है। सरकार के पास नोटबंदी की चोट पर मरहम लगाने का मौका है। वित्त मंत्री हर सेगमेंट को खुश कर सकते है।


मुकेश पटेल के मुताबिक ईश्वर कमिटी की रिपोर्ट में भी अलाउंस लिमिट को तर्कसंगत बनाने का जिक्र किया गया है। सरकार अलाउंस को कॉस्ट इनफ्लेशन इंडेक्स से जोड़ दें। चिल्ड्रेन एजुकेशन अलाउंस, मेडिकल रिइंबर्समेंट लिमिट को बढ़ाया जाना जरुरी है। मेडिकल रिइंबर्समेंट लिमिट को बढ़ाकर 50,000 रुपये किया जाना चाहिए।


इस बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन की वापसी होनी चाहिए। इक्विटी इन्वेस्टर को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर कोई टैक्स नहीं। वहीं बिजनेस मैन को कई तरह के खर्चों को घटाने की छूट मिलनी चाहिेए। घऱ का किराया कमाने वाले लोगों को भी 30 फीसदी स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलना चाहिए। सैलरीड लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन एक बड़ा तोहफा होगा।


मुकेश पटेल के अनुसार इस बजट में इनकम टैक्सपेयर्स को राहत जरुर दी जाएं। 5 साल पहले 3 करोड़ रिटर्न भरे गए। 1.5 करोड़ रिटर्न में आय 2.5 लाख से भी कम किया जाए। टैक्स का बेस बड़ा करना जरुरी है। हालांकि सरकार टैक्स रेट में बदलाव पर विचार कर सकती है।