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टैक्स गुरुः समझें प्रॉपर्टी पर टैक्स के नियम

प्रकाशित Wed, 03, 2016 पर 18:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हाजिर है टैक्स गुरु जिसमें आपकी परफेक्ट टैक्स प्लानिंग में मदद करेंगी टैक्स एक्सपर्ट क्लियरटैक्स डॉट इन की प्रीति खुराना।


सवाल: विरासत में मिली प्रॉपर्टी पर टैक्स कैसे लगता है?


जवाब: भारत में अभी कोई इनहेरिटेस टैक्स नहीं है। लेकिन जब प्रॉपर्टी बेची जाती है तो कैपिटल गेन पर टैक्स लगता है। इस टैक्स के लिए पिछले मालिक ने जिस कीमत पर प्रॉपर्टी खरीदी हो उसे ही खरीद मूल्य माना जाता है। उत्तराधिकारी को इंडेक्सेशन का भी फायदा मिलता है। अगर 1 अप्रैल 1981 से पहले की प्रॉपर्टी की कीमत पता न हो तो तो फेयर मार्केट वैल्यू ले सकते हैं।


सवाल: डीविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स का कैल्कुलेशन कैसे होगा और ये कब लगता है?


जवाब: इस वित्त वर्ष से डिविडेंड पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा। बता दें कि 10 लाख रुपये से ज्यादा के डिवीडेंड पर ही टैक्स लगेगा। इसके अलावा कंपनियों से मिले डिविडेंड पर ही टैक्स लगेगा। म्युचुअल फंड से मिले डिविडेंड पर टैक्स नहीं लगेगा। 10 लाख रुपये से ज्यादा डिविडेंड मिलने पर पूरी रकम पर टैक्स देना होगा।


सवाल: अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर टैक्स बेनिफिट की स्थिति क्या है?


जवाब: होम लोन पर दो तरह के डिडक्शन मिलते हैं। ईएमआई में प्रिंसिपल और ब्याज दोनों में छूट मिलती है। लेकिन जिस साल प्रॉपर्टी का काम पूरा हुआ, उसी साल से छूट मिलती है। टैक्स छूट के लिए निर्माण की समय सीमा 3 से बढ़कर 5 साल की गई है। एक वित्त वर्ष में अधिकतम 2 लाख रुपये के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है। अगर प्रॉपर्टी किराए पर दी गई हो तो पूरा ब्याज टैक्स फ्री हो जाता है। याद रखें कि प्रिंसिपल पर टैक्स छूट पजेशन के बाद ही मिलता है। पजेशन के पहले चुकाए गए प्रिंसिपल पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलता।


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