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टैक्स गुरुः जाने क्या है एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट

प्रकाशित Wed, 09, 2016 पर 18:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी धबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगी क्लियरटैक्स डॉट इन की प्रीति खुराना।


टैक्स गुरु में सबसे पहले टैक्स पेयर्स को इनकम टैक्स डिपाटमेंट क्यों भेज रहा है एप्रिसिएश सर्टिफिकेट। अगर सेविंग अकांउट के ब्याज से हो आपकी 10 हजार रुपये से ज्यादा की आय तो कैसे टैक्स देना होगा।


प्रीति खुराना का कहना है कि समय पर ईमानदारी से टैक्स देनेवालों को इनकम टैक्स डिपाटमेंट की तरफ से एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। जो समय पर टैक्स फाइल करने वालों के लिए शाबासी और टैक्सपेयर्स के योगदान का सम्मान करने की कोशिश है। यह एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट टैक्सपेयर्स के ईमेल पर भेजे जा रहे है। वित्त वर्ष 2015-16 में चुकाए गए टैक्स के आधार पर  सर्टिफिकेट भेजे गए है।


प्रीति खुराना के मुताबिक एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट को 4 कैटेगरीज में बांटा गया है। जिसमें प्लेटिनम, गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज को शामिल किया गया है। 1 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स देनेवालों को प्लेटिनम सर्टिफिकेट, 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक टैक्स देनेवालों को गोल्ड सर्टिफिकेट और 10-50 लाख रुपये तक के टैक्स देनेवालों को सिलवर सर्टिफिकेट दिए जा रहे है।


सवालः इस वित्त वर्ष में अब तक सेविंग्स एकाउंट के ब्याज से 80,000 रुपये की आय हो चुकी है। इस रकम पर कितना टैक्स देना होगा और रिटर्न में इसे कहां पर दिखाना होगा।


प्रीति खुरानाः बचत खाते पर मिलने वाला ब्याज आपकी इनकम है। आप सभी स्त्रोतों से होनेवाली आय को जोड़ें। जिसमें बचत खाते से हुई आपकी आय भी जुड़ेगी और डिडक्शंस क्लम करने के बाद नेट इनकम निकालें। बचत खाते के ब्याज पर 10,000 रुपये तक की छूट है और इसपर 80टीटीए सेक्शन के ब्याज छूट है। नेट इनकम पर आपके स्लैब के मुताबिक टैक्स लगेगा।


सवालः एलआईसी की जीवन अक्षय-VI पेंशन प्लान में 15 लाख रुपये का एकमुश्त भुगतान किया है। सेक्शन 80 सी की छूट मिलेगी।


प्रीति खुरानाः एलआईसी जीवन अक्षय-VI एन्युटी प्लान है। एन्युटी का प्रीमियम 80सी की छूट के दायरे में आते है। ध्यान रखें कि 80सी की छूट की सीमा 1.5 लाख रुपये है। एन्युटी से मिली प्राप्तियां टैक्सबेल होती है। एन्युटी से मिली प्राप्तियां अन्य स्त्रोत से आय में दिखाएं। स्लैब के मुताबिक टैक्स देना होगा। 


सवालः पिछले वित्त वर्ष की 3 महीने की सैलरी इस वित्त वर्ष में मिलनेवाली है, बकाया सैलरी पर टैक्स काटने की जिम्मेदारी किसकी है, और इसे रिटर्न में कैसे दिखाया जाएगा।


प्रीति खुरानाः वित्त वर्ष 2015-16 की सैलरी पर टीडीएस उसी वित्त वर्ष में काटना चाहिए था। अगर टीडीएस नहीं कटा तो एंप्लॉयर को टीडीएस रिटर्न रिवाइज करना होगा। एंप्लॉयर को बकाये टीडीएस पर जुर्माना देना पड़ सकता है। एंप्लॉयर के रिवाइज्ड रिटर्न भरने पर आपको टीडीएस क्रेडिट मिल सकता है।