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टैक्स गुरुः जाने क्या है टीसीएस

प्रकाशित Sat, 16, 2016 पर 16:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल ।


टीडीएस और टीसीएस के नियम


टीडीएस यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स। टीडीएस में पेमेंट करने वाला टैक्स काटकर पेमेंट देता है। और टीसीएस यानी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स। जिसमें विक्रेता खरीदार से टैक्स वसूलता है। सरकार हर तरह के ट्रांजेक्शन पर नजर रखना चाहती है। बड़े खर्च और कम टैक्स भुगतान के मामले पकड़े जाएगें। अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा की मोटर कार की आप खरीदारी करते है तो उसपर 1 फीसदी टीसीएस कांटा जाएंगा। साथ ही चेक से भुगतान करने पर भी टीसीएस लगाया जायेगा। ज्यादा खरीदारी करने पर टीसीएस तभी जब नकद भुगतान 2 लाख से ज्यादा होगा। इसके जरिये 2 लाख नगद खरीदारी पर 1 फीसदी टीसीएस कांटा जाएंगा। टीडीएस की तरह टीसीएस का भी क्रेडिट मिलेगा। फॉर्म 26 एएस में टीसीएस का रिकॉर्ड देख सकते है।


सवालः इवकम टैक्स में नया शेड्यूल है जो है शेड्यूल एएल। इसें कैंस इन हैंड दिखाना है। तो क्या कैश इन हैंड में केवल केंस दिखाना होगा या बैंक सेविंग अकांउट, इक्विटीस, म्यूचूअल फंड जैसे अलग निवेश भी दिखाने होगें।


मुकेश पटेलः शेड्यूल एएल में कैश इन हैंड में लिर्फ नकदी दिखाने का जरुरत है। हैंक खाते या दूसरे निवेश को कैश इन हैंड में दिखाना नहीं होता। और शेड्यूल एएल सिर्फ 50 लाख से ज्यादा इनकम वालों को भरना होता है।


सवालः एनआरओ अकाउंट से इंटरेस्ट इनकम होती है, क्या टैक्स रिटर्न फाइल करना जरुरी है, कौन सा फॉर्म भरना होगा।


मुकेश पटेलः एनआरओ अकाउंट से मिलने वाला ब्याज 2.5 लाख रुपये से ज्यादा हो तो रिटर्न भरें। ध्यान रखें कि कुल इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा हो तो ही भरें। एनआरओ अकाउंट से मिलने वाले ब्याज पर 30 फीसदी टीडीएस काटा जाता है। रिटर्ऩ जरुर भरें ताकि रिफंड क्लेम कर सकें। और आईटीआर 2 ए भर सकते है।


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