टैक्स गुरुः कैसे करें रिवाइज्ड आईटी रिटर्न डिक्लरेशन -
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टैक्स गुरुः कैसे करें रिवाइज्ड आईटी रिटर्न डिक्लरेशन

प्रकाशित Thu, 22, 2016 पर 14:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे सक्षम टैक्स एक्सपर्ट प्रीति खुराना।


प्रीति खुराना का कहना है कि नोटबंदी के बाद रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न पर सीबीडीटी की नजर है। बैंक में जमा किया हुआ अतिरिक्त कैश रिटर्न में दिखाने से बचें। सरकार की रिवाइज्ड रिटर्न में बढ़े हुए प्रॉफिट पर भी नजर है। 5 अगस्तर और 17 अक्टूबर तक भरे हुए रिटर्न ही रिवाइज्ड होगें। रिवाइज्ड रिटर्न के पीछे का मकसद गैरइरादतन गलतीको सुधारना है। धारा 139 के तहत रिवाइज्ड रिटर्न भराजा सकता है। हालांकि रिवाइज्ड रिटर्न भरने के साथ ही दी हुई जानकारी के साथ प्रूफ होना जरुरी है।   


सवालः पत्नी के इनकम टैक्स रिटर्न में अकाउंटेट ने इनकम का जरिया गलत भर दिया है। अब इनकम टैक्स विभाग की तरफ से स्क्रूटनी का नोटिस आ गया है। क्या करें।


प्रीति खुरानाः रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए गलती सुधार सकते है। लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न भरें और अपने पत्नी के व्यवसाय को ठीक करें। हालांकि रिवाइज्ड रिटर्न तभी भरा जा सकता है जब पुराना रिटर्न 5 अगस्त से पहले भरा हो।


सवालः मां के नाम पर दो घर हैं, जिनमें से एक को किराये पर दिया और इसके लिए 4 लाख का डिपॉजिट किराएदार से लिया था जो नोटबंदी के बाद बैंक में जमा करा दिया गया है। इस रकम को लेकर अगर इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आता है तो क्या करें।


प्रीति खुरानाः जमा किए हुए कैश का अगर प्रमाण है तो कोई परेशानी नहीं होगी। रेंट एग्रीमेंट इस रकम का प्रूफ हो सकता है। आईटी विभाग से स्क्रूटनी आए तो रेंट एग्रीमेंट प्रमाण के तौर पर दें।