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टैक्स गुरुः सावधानी से भरें रिटर्न ताकि ना पड़े जेब पर भारी

प्रकाशित Tue, 01, 2018 पर 14:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट प्रीति खुराना की सलाह।


टैक्सपेयर्स सावधानी से अपना रिटर्न भरें क्योंकि इनकम टैक्स विभाग ने कहा कि अगर टैक्सपेयर्स के रिटर्न में अंडररिपोर्टिंग, मिसरिपोर्टिंग की है तो आपके लिए परेशानी बढ़ सकती है। प्रीति  खुरान रिटर्न भरने वक्त कोई गलत जानकारी नहीं दें। बेंगलुरु सीपीसी ने स्पेशल एडवाइजरी जारी की है। एचआरए की गलत जानकारी काफी आय है। साझा किराए की स्थिति में एचआरए के क्लेम में हो जाती है। सेक्शन 80सी के तहत खर्च और निवेश के सबूत होने जरुरी है। छूट के लिए योग्य होने पर ही क्लेम करें। साथ ही सेक्शन 80जी के तहत डोनेशन के क्लेम में सावधानी बरतें। 80जी की छूट के लिए अपनी योग्यता जांच लें।


प्रीति खुरान ने आगे बताया कि सभी बैंक अकाउंट से ब्याज आय की जानकारी देना जरुरी है। कुछ मामलों में दान की आधी रकम पर छूट मिलती है। कैपिटल गेन पर मिली छूट की जानकारी आईटीआर में देना जरुरी है। सेक्शन 270ए के तहत जानकारी छिफाने पर टैक्स का 50 फीसदी जुर्माने का प्रावधान है जबकि गलत जानकारी देने पर टैक्स का 200 फीसदी जुमाने का प्रावधान और सेक्शन 276सी के तहत जानबूझकर टैक्स चोरी करने पर कड़ी सजा का भी प्रावधान किया गया है।