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टैक्स गुरुः कैसें सुधारे डिफेक्टिव रिटर्न

प्रकाशित Sat, 12, 2017 पर 17:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अगर आपकी इनकम है तो इनकम टैक्स तो देना ही होगा। लेकिन अगर आपने टैक्स प्लानिंग समझदारी से की तो आप पर टैक्स का बोझ घट जरुर जायेगा। कैसे कम करें अपने टैक्स के बोझ और कैसे करें टैक्स प्लानिंग। आपकी मदद करने के लिए हाजिर है टैक्स गुरु की खास पेशकश जिसमें हमारा साथ देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली।


सेक्शन 143(ए) का नोटिस
शरद कोहली का कहना है कि रिटर्न की कमियों को दूर करने का नोटिस है। इसे आप इंटिमेशन भी कह सकते है। विभाग की तरफ से टैक्स डिमांड होने पर नोटिस आता है। क्लेम किए गए रिफंड की रकम पर विवाद होने पर नोटिस आ सकता है। रिटर्न में कोई गलती हो या फॉर्म 26एएस से फर्क हो तो नोटिस आ सकता है। ई-प्रोसिडिंग सेक्शन पर जाकर दबाव दें।


क्या होता है सेक्शन 139(9)
रिटर्न भरने में गलती होने पर सुधार का नोटिस आता है। रिफंड दिखाया लेकिन इनकम नहीं दिखाया। रिटर्न तो भरा लेकिन बकाया टैक्स नहीं चुकाया। पीएंडएल अकाउंट, बैलेंस शीट की डिटेल्स नहीं दी। रिटर्न और पेन पर लिखे नाम में फर्क आ गया हो। नोटिस आने पर टैक्सपेयर्स आसानी से डिफेक्टिव रिटर्न में सुधार कर सकते हैं। आपको रिवाइज्ड रिटर्न भरना पड़ सकता है।