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टैक्स गुरुः एचयूएफ का साथ, होगी टैक्स बचत की शुरुआत

प्रकाशित Thu, 29, 2018 पर 13:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन की सलाह।


नए फाइनेशिंयल ईयर की शुरुआत हो रही है तो ऐसे में अपने टैक्स बचत के लिए भी कीजिए एक नई शुरुआत एचयूएफ के साथ। एचयूएफ पर बात करते हुए टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन का कहना है कि एचयूएफ यानि हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली। यह इनकम टैक्स बचत का एक अलग जरिया है। एचयूएल का फायदा हिंदू, बौध्द, सिख और जैन धर्म के लोगों को हो सकता है, लेकिन मुस्लिम, पारसी या ईसाई धर्म के लोग एचयूएफ नहीं हो सकते है। हालांकि केरल में एचयूएफ को मान्यता नहीं मिली है। लेकिन एचयूएफ के लिए दो कोपार्सनर होना जरुरी है। घर में जन्म लेनेवाला या गोद लिया हुआ कोपार्सनर कहलाता है। पहले सिर्फ लड़का ही एचयूएफ का सदस्य माना जाता था, लेकिन हिंदू उत्तराधिकार कानून में 2005 में संशोधन किया गया जिसके बाद संशोधन के तहत बेटी को भी एचयूएफ का सदस्य बनाया गया।


टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन ने आगे बताया कि शादी के बाद बेटी एचयूएफ की सदस्य नहीं रहती है। एचयूएफ के तहत 2.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट संभव है। सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये का क्लेम संभव है। एचयूएफ के सदस्य पीपीएफ का अकाउंट नहीं खोल सकता है। इसके तहत सेक्शन 80डीडीबी के तहत छूट मिल सकती है। एलटीसीजी के तहत 1 लाख रुपये से ज्यादा कमाई यानि 1 लाख रुपये तक के शेयरों की कमाई को एचयूएफ में एडजस्ट किया जा सकता है।


सवालः अगर ज्वाइंट सेविंग बैंक अकाउंट में 10 हजार रुपये से ज्यादा ब्याज आता है तो इसको कौन अपनी आय में दिखाएगा? पहला होल्डर या दोनों में से कोई भी?
 
बलवंत जैनः
पहला होल्डर ही प्राइमरी होल्डर कहलाता है। ज्यादातर सभी ट्रांजैक्शन पहले होल्डर के माने जाते हैं। ज्वाइंट अकाउंट सक्सेशन या ऑपरेशन के लिए रखना चाहिए। इनकम टैक्स के लिए बचत खाता अलग रखें।