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टैक्स उलझनों को करें दूर, एक्सपर्ट की सही सलाह

प्रकाशित Fri, 17, 2016 पर 14:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हाजिर हैं टैक्स गुरु आपके टैक्स की उलझनों को आसान करने के लिए। तो कैसे कर सकते हैं आप अपनी परफेक्ट टैक्स प्लानिंग आइए जानते हैं टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली से।


क्या हैं एक्जेंप्ट इनकम:-

आईटीआर-1 को सहज फॉर्म भी कहते हैं। आईटीआर-1 में करदाता से ज्यादा जानकारी नहीं मांगा जाती है। सिर्फ उस इनकम की जानकारी देनी होती है जो टैक्सेबल नहीं है। 5000 रुपये से कम की कृषि आय, ग्रेच्युटी से मिली रकम, एचआरए का टैक्स फ्री हिस्सा और पेंशन से मिली रकम एक्जेंप्ट इनकम के दायरे में आती है। साथ ही नौकरी जाने पर मिला मुआवजा, बीमा पॉलिसी से मिली रकम, निर्वाह भत्ते के तौर पर मिली एकमुश्त रकम और पीएफ के मैच्योरिटी पर मिली रकम भी एक्जेंप्ट इनकम के दायरे में आती है।  


शॉर्ट टर्म लॉस और रिटर्न:-

शॉर्ट टर्म लॉस को हर साल रिटर्न में दिखाया जाना जरुरी है। अगर पहले के रिटर्न में लॉस नहीं दिखाया हो तो उसे शॉर्ट टर्म गेन से घटा नहीं सकते हैं। केवल डीमैट अकाउंट से पैन का जुड़ा होना काफी नहीं है। 

कौन सा फॉर्म भरें एनआरआई:-

पिछले वित्त वर्ष में भारत में सिर्फ 70 दिन रहे इसलिए एनआरआई कहलाएंगे। अगर कुल 182 दिन भारत में रहते है तो आप भारतीय रहवासी हो जाते है, लेकिन अगर आप 182 दिन से ज्यादा भारत के बाहर रहते है तो नॉन रेसिडेंशियल भारतीय हो जाते हैं तो आपको अपनी रिटर्न आईटीआर-1 फॉर्म में भरनी पड़ेगी क्योंकि केवल ब्याज आ रहा है। 
 
सोने पर कैसे निकालें कैपिटल गेन:-

1 अप्रैल 1981 को सोने की कीमत क्या थी इसका पता लगाएं और जो आपके पास सोना है उसकी कीमत वहीं मानी जाएगी। सोना बेचकर मिली रकम से पुरानी कीमत घटाएं और जो अंतर आएगा, वो आपका कैपिटल गेन माना जाएगा।


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