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टैक्स गुरुः एनपीएस में कौन से नए बदलाव आएंगे

प्रकाशित Sat, 17, 2016 पर 15:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एनपीएस में आनेवाले है कौन से बदलाव, ट्रैवलिंग एलाउंस क्लेम करने के क्या हैं नए नियम और डेवलपमेंट अथॉरिटी से घर खरीदने पर भी क्या आपको मिल सकती है टैक्स छूट, इन तमाम मुद्दों पर लेंगे टैक्स एक्सपर्ट प्रीति खुराना की सलाह।


एनपीएस में प्रास्ताविक बदलाव
एनपीएस के लिए पीएफआरडीए 2 नए स्कीम लाएगा जिससे इक्विटी मार्केट में ज्यादा निवेश मुमकिन हो सकेगा। पहली स्कीम हैं एग्रेसीव लाइफ साइकिल फंड, इस फंड में 75 फीसदी तक इक्विटी में निवेश कर सकते हैं। दूसरा कंजर्वेटिव लाइफ साइकिल फंड, जिसमें 25 फीसदी तक और तीसरा मॉडरेट फंड, इसमें 50 फीसदी तक निवेश इक्विटी में कर सकते हैं।  
   
एनपीएस और एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन
सैलरी में एम्प्लॉयर का अंशदान शामिल होना चाहिए। फॉर्म 16 में कुल ठैक्सेबल सैलरी में एम्प्लॉयर का अंशदान जुड़ा होता है। अगर कुल सैलरी में अंशदान जुड़ा ना हो तो रिटर्न फाइल करते वक्त इसे जोड़कर दिखाएं। 

एनपीएस के टैक्स नियम
एनपीएस में सब्सक्राइब टियर1 एकाउंट के साथ टियर 2 एकाउंट भी खोल सकते हैं। टियर1 एकाउंट से पैसे निकालने की इजाजत नहीं है। टियर 2 एकाउंट स्वैच्छिक बचत खाते की तरह होता है, इसमें आप अपनी इच्छा के मुताबिक पैसे निकल सकते हैं। टियर 2 एकाउंट खोलने के लिए टियर 1 एकाउंट जरुरी है। टैक्स बेनिफिट सिर्फ टियर 1 एकाउंट में निवेश पर मिलेगा। टियर 2 में होने वाले फायदे पर टैक्स देना पड़ेगा। हलांकि टियर 2 एकाउंट के लिए टैक्स मियम साफ नहीं है।


एनआरआई के लिए टैक्स नियम
अगर कोई 25 साल बाद भारत लौटता है तो वो 2 साल तक आरएनओआर कहलाएगा। आरएनओआर यानी रेसिडेंट बट नॉट ऑर्डिनरी रेसिडेंट। आरएनओआर के टैक्स बेनिफिट एनआरआई जैसे ही रहेंगे। आपकी भारत के बाहर की आय भारत में टैक्सेबल नहीं होगी। लेकिन भारत लोटने पर आप हमेशा के लिए एनआरआई एकाउंट नहीं रख सकते हैं। आपको अपने बैंक को एनआरआई के दर्जे में बदलाव की सूचना जरुर देनी चाहिए।