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एडवांस टैक्स का फंडा, इन बातों का रखें ध्यान

प्रकाशित Fri, 15, 2017 पर 13:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट और क्लियर टैक्स इन की चीफ एडीटर प्रीति खुराना की राय।


एडवांस टैक्सः क्या रखें ध्यान


प्रीति खुराना का खहना है कि एडवांस टैक्स 10,000 रुपये या उससे ज्यादा टैक्स लायबिलिटी होने पर देना होता है। नौकरीपेशा लोगों का हप महीने टैक्स कटता है इसलिए उन्हें दिक्कत नहीं है। लेकिन जिन टैक्सपेयर्स का टीडीएस नहीं कटता है उन्हें एडवांस टैक्स देना होगा। अगर ब्याज या किराए से आमदनी है तो एडवांस टैक्स देना होगा। फ्रीलांस, बिजनेस या कैपिटल गेन्स से आमदनी आती है तो टैक्स देना है।


प्रीति खुराना ने आगे कहा कि टैक्सपेयर्स साल में होने वाली आमदनी का अनुमान लगा 15 सितंबर तक एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त अदा करें। ध्यान रहें कि प्रीजम्पटिव टैक्स के अंतर्गत आनेवाले लोगों को एडवांस टैक्स नहीं भरना है। एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त में कुल टैक्स का 45 फीसदी जमा करना होता है। 15 दिसंबर तक 75 फीसदी और 15 मार्च तक 100 फीसदी एडवांस टैक्स देना होगा।


किस के लिए फॉर्म 15जी और 15एच


जिन टैक्सपेयर्स को टैक्स नहीं देना होता है वो फॉर्म 15जी और 15एच भरकर टीडीएस पर छूट पा सकते है। हालांकि फॉर्म 15जी और 15एच के लिए पैन नंबर होना जरुरी है। इसके लिए टैक्सपेयर्स बैंक में फॉर्म 15जी और 15एच जमा कर सकतें है। साथ ही टैक्सपेयर्स इसे ऑनलाइन भी जमा कर सकता है।