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योर मनीः जानें क्या निवेश पर रिटर्न है टैक्स फ्री

प्रकाशित Fri, 27, 2017 पर 09:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निवेश को लेकर अभी भी हमारे देश में टैक्स छूट का मोह नही जाता। निवेश से कमाई करने के बजाए हम टैक्स छूट को ज्यादा महत्तव देते हैं। आज योर मनी आपको, आपके निवेश पर मिल रही टैक्स छूट के बजाए रिटर्न पर कितना टैक्स लगेगा, आपके हाथ में आखिर में जो रकम आएगी, क्या वो टैक्स फ्री होगी, इसी की बारीकियों पर विस्तार से करेंगें चर्चा और इसमें हमारा साथ देगें ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के डायरेक्टर पंकज मठपाल।


पंकज मठपाल का कहना है कि फिक्सड डिपॉजिट में ब्याज से कमाई पर टैक्स लगता है लेकिन वह स्लैब अनुसार लगाया जाता है। एफडी में ब्याज की कमाई 10 हजार से ज्यादा होती है तो 10 फीसदी टीडीएस लगता है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड में ब्याज से होने वाली कमाई पर टैक्स में छूट मिलती है।


वहीं नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में ब्याज से होनेवाली कमाई पर टैक्स स्लैब अनुसार लगता है जबकि पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट में भी स्लैब अनुसार टैक्स चुकाना होता है।


पंकज मठपाल के अनुसार सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में स्लैब अनुसार ब्याज से होनेवाली कमाई पर  टैक्स चुकाना होगा। वहीं नेशनल पेंशन स्कीम
60 की उम्र में 40 फीसदी कमाई टैक्स फ्री है। हालांकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स स्लैब अनुसार चुकाना होता है। उन्होंने आग बताया कि यूलिप में निवेश करन से टैक्स फ्री कमाई होती है। सुकन्या समृद्धि खाता में ब्याज से होने वाली कमाई पर टैक्स नहीं देना होता है।


पंकज मठपाल के मुताबिक इक्विटी म्युचुअल फंड में सिक्योरिटीज ट्रांसफर टैक्स में 0.001 फीसदी टैक्स चुकाना होता है। हालांकि इसमें डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स नहीं देना होता और ना ही ब्याज से होनेवाली कमाई पर टैक्स चुकाना होता है। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर 15.45 फीसदी टैक्स देना होता है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स में छूट मिलती है। डेट म्युचुअल फंड में सिक्योरिटीज ट्रांसफर टैक्स लगता है। इसमें लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स 20.6 फीसदी टैक्स इंडेक्सेशन के साथ देना होता है।