Moneycontrol » समाचार » टैक्स

योर मनी: समझें सेविंग स्कीम के टैक्स का फंडा

प्रकाशित Thu, 31, 2016 पर 11:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फाइनेंशियल प्लानिंग जितनी जल्दी शुरू कि जाए, उतना अच्छा होगा। और यही बात  आज का युथ बखूबी समझता है। बेहतर लाइफस्टाइल और अपने सपनों में तालमेल बैठाने के लिए सही फाइनेंशियल प्लानिंग ही एक रास्ता है, जो आप अपना सकते हो। यहां आज आपके निवेश से जुड़ी उलझनों को सुलझा रहे हैं वाइजइंवेस्ट एडवाइजर्स के हेमंत रुस्तगी।


यहां सबसे पहले बात करते हैं सेविंग स्कीमों के टैक्स के फंडे पर। टैक्स विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर लोगों को कहा है कि वो अपने इनकम टैक्स रिटर्न में ब्याज से होने वाली आय को सही-सही दिखाएं। दरअसल लोग बैंक एफडी या दूसरी सेविंग्स स्कीम से मिलने वाले ब्याज को अपनी आय में नहीं दिखा रहे हैं, जबकि ज्यादातर स्कीमों में मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है।


गौरतलब है कि पीपीएफ टैक्स फ्री होता है और इस पर टीडीएस भी नहीं कटता, टैक्स फ्री बॉन्ड पर भी टीडीएस नहीं कटता। जबकि एनएससी पर टैक्स लगता है लेकिन इस पर टीडीएस नहीं कटता। वहीं पोस्ट ऑफिस जमाओं और किसान विकास पत्र पर कर लगता है लेकिन टीडीएस लागू नहीं होता। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड, सीनियय सिटीजन स्कीम, एफडी और रिकरिंग डिपॉजिट टैक्सेबल हैं और इन पर 10 फीसदी टीडीएस कटता है। जबकि सेविंग बैंक एकाउंट में 10,000 तक टैक्स छूट मिलती है और टीडीएस नहीं कटता।


सवाल: आईटीआर-1 फॉर्म में 80 सीसीडी1(बी) भरने का कॉलम क्यों नहीं है? फॉर्म 10ई कैसे भेजें? एनपीएस अकाउंट में रिटर्न निगेटिव हैं, समझ में नहीं आ रहा ऐसा क्यों हो रहा है?


सलाह: 80 सीसीडी1(बी) में एनपीएस के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है। नियम में संशोधन 1 अप्रैल, 2016 से लागू होगा। असेसमेंट ईयर 2016-17 के आईटीआर फॉर्म में 80 सीसीडी1(बी) भरने का कॉलम आएगा। आप फॉर्म 10ई आपकी कंपनी को सौंप सकते हैं। एनपीएस में रिटर्न आपने जो विकल्प चुना है उस पर निर्भर करता है। इक्विटी में निवेश से शॉर्ट टर्म में निगेटिव रिटर्न मुमकिन है।


वीडियो देखें