Facebook Pixel Code = /home/moneycontrol/commonstore/commonfiles/header_tag_manager.php
Moneycontrol » समाचार » टैक्स

योर मनीः नए वित्तीय वर्ष में क्या होंगे बदलाव

प्रकाशित Sat, 25, 2017 पर 12:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी में हम आपको बताएंगे कि 1 अप्रैल 2017 से क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं आपकी पूरी फाइनेंशियल प्लानिंग में यानि बजट में जोभी चीजें ऐलान कि गई थी, उनमें से क्या-क्या लागू होगा और कैसे आपको अपने पूरे फाइनेशियल पोर्टफोलियो में और टैक्स प्लानिंग में बदलाव करने होंगे उस पर आज होगा पूरा फोकस और इस चर्चा में हमारे साथ है फाइनेंशियल प्लानर अचिन गोयल।    


1. इनकम टैक्स में राहत :- 
नए वित्तीय वर्ष में 2.5-5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स 10 फीसदी से घटकर 5 फीसदी होगा। यानी हर साल टैक्स में 12500 रुपये की बचत होगी। 


2. अमीरों पर ज्यादा टैक्स :-
नए वित्तीय वर्ष में 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की आय वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगेगा। 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय पर 15 फीसदी सरचार्ज भरना होगा। 


3. होल्डिंग पीरियड :-
नए वित्त वर्ष में अचल संपत्ति के लिए होल्डिंग पीरियड 3 साल से घटकर 2 साल हुआ है। अब अचल संपत्ति को 2 साल बाद बेचने पर कम टैक्स लगेगा। लेकिन अगर 2 साल बाद बेचते है तो 20 फीसदी टैक्स लगेगा।  


4. इंडेक्सेशन का बेस ईयर :-
नए साल में इंडेक्सेशन का बेस ईयर 1981 की बजाय 2001 हुआ है। बेस ईयर बदलने से कम लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। 


5. कैपिटल गेन टैक्स में छूट :-
नए वित्तीय वर्ष में कैपिटल गेन को आरईसी, एनएचएआई बॉन्ड में निवेश करने पर टैक्स में छूट मिलेगी।


6. इनकम टैक्स फॉर्म :-
इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म को सरल बनाया जाएगा। 5 लाख तक की आय वालों के लिए 1 पेज का रिटर्न फॉर्म भरना होगा। नए वित्तीय वर्ष में 2 साल की बजाय 1 साल तक ही रिटर्न में बदलाव मुमकिन है।


7. रिटर्न भरने में देरी पर जुर्माना :-
साल 2017-18 का रिटर्न देरी से भरा तो जुर्माना लगेगा। रिटर्न 31 दिसंबर, 2018 के बाद भरा तो 10000 रुपये तक का जुर्माना भरना होगा। छोटे करदातोओं के लिए 1000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। 


8. आरजीईएसएस होगी खत्म :-
नए वित्तीय वर्ष से राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम खत्म होगी। नए निवेशकों को इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा, लेकिन पुराने निवेशक 2 साल तक स्कीम का फायदा उठा सकते हैं।


9. नकद लेनदेन पर सख्ती :-
नए साल में नकद लेनदेन की सीमा 3 लाख रुपये से घटकर 2 लाख रुपये की गई है। 2 लाख रुपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर 100 फीसदी जुर्माना लगेगा।


10. पैन से जुड़ेगा आधार :-
1 जुलाई 2017 से पैन को आपके आधार से जोड़ना जरुरी होगा। इनकम टैक्स की साइट पर जाकर आप अपने पैन को आधार से जोड़ सकते हैं।