हमीरपुर में 16 साल की लड़की के साथ गैंगरेप कर जबरन पिलाया गया एसिड, इलाज के दौरान हुई मौत, 3 गिरफ्तार

UP: एक महीने से जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही यूपी के हमीरपुर जिले की गैंगरेप और तेजाब हमले की शिकार 16 वर्षीय पीड़िता ने शुक्रवार को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। बता दें कि यह मामला 28 अक्टूबर का है, जब पीड़िता के साथ तीन युवकों ने गैंगरेप कर उसे तेजाब पिला दिया था।

अपडेटेड Nov 29, 2025 पर 9:45 AM
Story continues below Advertisement
हमीरपुर में 16 साल की लड़की के साथ गैंगरेप कर जबरन पिलाया गया एसिड, इलाज के दौरान हुई मौत, 3 गिरफ्तार

UP: एक महीने से जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही यूपी के हमीरपुर जिले की गैंगरेप और तेजाब हमले की शिकार 16 वर्षीय पीड़िता ने शुक्रवार को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। बता दें कि यह मामला 28 अक्टूबर का है, जब पीड़िता घर में सो रही थी तभी गांव के एक नाबालिग समेत तीन युवको ने घर में घुसकर न सिर्फ उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया बल्कि हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसे जबरदस्ती तेजाब पिला दिया। जिस वजह से उसकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई थी।

पुलिस ने इस मामले में 9 नवंबर को एक नाबालिग नाबालिग आरोपी को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज दिया था। जलालपुर थाने के इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने बताया कि अन्य दो संदिग्धों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया और उनसे पूछताछ की जा रही है।

कई अस्पतालों के लगाने पड़े चक्कर


अपराध के बाद, लड़की के परिवार वाले उसे पहले सरीला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां लगभग 12 दिनों तक उसका इलाज चला। जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे हमीरपुर जिला अस्पताल और फिर कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उसका लगभग 15 दिनों तक इलाज चला।

हालत गंभीर बने रहने पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ के SGPGI रेफर कर दिया, जहां उसका दो दिन और इलाज चला। अस्पताल द्वारा सर्जरी के लिए मांगे गए दो लाख रुपये का भुगतान न कर पाने के कारण, उसके परिवार वाले उसे KGMU ले गए। KGMU के सर्जरी वार्ड में डॉक्टरों ने कहा कि उसे तुरंत खून चढ़ाने की जरूरत है।

दो यूनिट खून का इंतजाम किया गया

इंस्पेक्टर सिंह ने अस्पताल स्टाफ के जरिए दो यूनिट खून का इंतजाम किया। गुरुवार रात खून चढ़ाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रात करीब एक बजे बच्ची को सांस लेने में तकलीफ हुई और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। रात दो बजे उसकी मौत हो गई।

बता दें कि उसकी मौत से कुछ घंटे पहले, लखनऊ पुलिस के अधिकारियों ने उसका बयान दर्ज किया था।

बेटी तीन दिन स्ट्रेचर पर पड़ी रही- मृतक नाबालिग के पिता

उसके पिता ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। घटना के बाद से अब तक वह घर नहीं गए। केजीएमयू में बेटी तीन दिन स्ट्रेचर पर पड़ी रही। अगर समय से उसे भर्ती कर लिया जाता तो वह बच सकती थी। गुरुवार शाम को लखनऊ पुलिस की एक इंस्पेक्टर और एक महिला उपनिरीक्षक ने बेटी का बयान भी दर्ज किया था।

SP दीक्षा शर्मा ने दी जानकारी

SP दीक्षा शर्मा ने कहा कि घटना के बाद से ही पुलिस लगातार परिवार के संपर्क में थी। उपचार में भी पूरी मदद की जा रही थी। सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर बेड और ब्लड की व्यवस्था कराई गई थी। उसका ठीक से उपचार चल रहा था। मामले में तहरीर के आधार पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर किशोर आरोपी को पकड़ा जा चुका है।

सांसद बोले- सख्त कार्रवाई होगी

इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने बताया कि पीड़िता का पोस्टमार्टम लखनऊ में कराया जा रहा है और परिवार वहीं मौजूद है। वहीं राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद का कहना है कि यह अत्यंत गंभीर घटना है। अब इसे धारा 302 में बदलावाय जाएगा, जांच में जिनके नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

यह भी पढ़ें: भाई का हत्यारा प्रदीप सक्सेना बना अब्दुल रहीम, 36 साल बाद ऐसे पकड़ा गया

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।