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कैसे लगाएं रिटर्न का हिसाब

"बैंक-टू-बैंक" एक ऐसा तरीका है जिससे सभी तरह के निवेश की कमाई का हिसाब रखा जा सकता है।
अपडेटेड Sep 18, 2010 पर 15:11  |  स्रोत : Hindi.in.com

18 सितंबर 2010

सीएनबीसी आवाज़




ये जानना बहुत मुश्किल है कि आपको निवेश पर कितना रिटर्न मिला है। चाहे, म्यूचुअल फंड हो या बीमा स्कीम या फिर डीमैट अकाउंट निवेश पर कमाई का हिसाब लगाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

एनएवी और शेयरों की कीमतों से रिटर्न का पता नहीं चल पता है। क्योंकि, निवेश के दौरान किए गए कई खर्चे शेयरों या इकाइयों की कीमतों में नहीं जोड़े जाते हैं।

"बैंक-टू-बैंक" एक ऐसा तरीका है जिससे सभी तरह के निवेश की कमाई का हिसाब रखा जा सकता है। इसके लिए आपको 5 कदमों को याद रखना है।

1. बैंक पासबुक
सबसे पहले अपनी पासबुक को अपडेट कराएं। जिस तारीख से आपको रिटर्न पता लगाना है, तबकी सारी पासबुक की एंट्री ढूंढ कर निकालें।

2. डेबिट एंट्री का हिसाब
निवेश से जुड़ी सारी डेबिट एंट्री को ढूंढ कर अलग करें। इसमें म्यूचुअल फंड, बीमा प्रीमियम, प्रॉपर्टी या शेयर खरीदने के लिए खर्च की एंट्री शामिल हैं। एक्सेलशीट पर एक कॉलम में तारीख के मुताबिक रकम लिखें। दूसरे कॉलम में एंट्री की तारीख लिखें। ध्यान रखें की खर्चे की रकम को माइनस में लिखना है।

3. क्रेडिट एंट्री का हिसाब
निवेश से मिले रकम की एंट्री अलग निकालें। इसमें रीडम्शन, डिविडेंड, ब्याज, प्रॉपर्टी या शेयर बेचकर मिली राशि की एंट्री शामिल हैं। एंट्री को राशि को पहले कॉलम में लिखें। तारीख जूसरे कॉलम में लिखी जाएगी।

4. बाकी निवेश

जो एसेट आपके पास हैं, उनकी मार्केट वैल्यू पता कीजिए। शेयरों, घर, प्रॉपर्टी या सोना का मौजूदा भाव को पहले कॉलम में लिखिए।

5. एक्सेल का एक्सआईआरआर फंक्शन
अब बस आपको एक्सेल का एक्सआईआरआर फंक्शन का इस्तेमाल करना है। एक्सेलशीट पर आपके निवेश पर मिले रिटर्न की राशि आ जाएगी।

इस लेख के लेखक रामगणेश अय्यर फिनटोटल डॉटकॉम के डायरेक्टर हैं। उनसे info@fintotal.com पर संपर्क किया जा सकता है।