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बिजली उत्पादन बढ़ाने पर जोरः पीयूष गोयल

बिजली और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोयला, ऊर्जा से जुड़े नीतिगत फैसलों पर बजट से बहुत सहयोग मिला है।
अपडेटेड Jul 12, 2014 पर 12:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बुनियादी ढांचे में रोड, रेलवे के अलावा पावर सेक्टर भी बहुत अहमियत रखता है। और पावर सेक्टर के लिए कोयला सबसे बड़ी जरूरत है। ये दोनों मंत्रालय पीयूष गोयल के पास हैं। सीएनबीसी आवाज़ संपादक संजय पुगलिया से खास बातचीत में बिजली और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोयला, ऊर्जा से जुड़े नीतिगत फैसलों पर बजट से बहुत सहयोग मिला है।


पीयूष गोयल के मुताबिक बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है। साथ ही बजट में कोयला और ऊर्जा के मामलों को अहमियत दी गई है। आने वाले दिनों में ऊर्जा के लिए कोयले की सप्लाई बढ़ेगी। सरकार का बिजली के ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन पर जोर है। साथ ही बिजली का उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर है और गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने की कोशिश है।


पीयूष गोयल ने बताया कि कोयला उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए पर्यावरण विभाग से बात जारी है, लेकिन अभी कोयला इंपोर्ट करना पड़ सकता है। वहीं सरकार का ग्रिड नहीं तो सौर ऊर्जा से बिजली बनाने पर जोर होगा। सौर ऊर्जा से दिन में बिजली मिलेगी और सौर ऊर्जा से पर्यावरण को भी फायदा होगा।


वहीं पीपीपी मॉडल पर पीयूष गोयल का कहना है कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) से पैसे जुटाना आसान होगा। साथ ही प्राइवेट सेक्टर के साथ काम करने से प्रोजेक्ट में तेजी आएगी। रेट्रोस्पैक्टिव टैक्स पर पीयूष गोयल ने कहा कि रेट्रोस्पेक्टिव कानून बन चुका है इसीलिए अब पिछली तारीख से संशोधन नहीं होगा। हालांकि सरकार की पुराने मामलों को जल्द खत्म करने की कोशिश है।


पीयूष गोयल के मुताबिक सरकार का पीएसयू बैंकों में 51 फीसदी से कम हिस्सा करने का कोई इरादा नहीं है। पीएसयू कंपनियों के लिए नए तरीके निकाले जाएंगे। वहीं महंगाई कम करने पर पीयूष गोयल का कहना है कि इससे निपटने के लिए सप्लाई चेन दुरुस्त करना होगा। बजट में सप्लाई बढ़ाने पर जोर दिया गया है और सप्लाई बढ़ने से महंगाई घटेगी। सरकार ने बजट में सबका ध्यान रखा है और पूर्वोत्तर के विकास की कोशिश हुई है।


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