नए डीटीसी टैक्स कोड से ना डरें: सुभाष लखोटिया -
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नए डीटीसी टैक्स कोड से ना डरें: सुभाष लखोटिया

प्रकाशित Tue, 21, 2010 पर 16:59  |  स्रोत : Hindi.in.com

21 सितंबर 2010

सीएनबीसी आवाज़



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया का मानना है कि नए डीटीसी टैक्स कोड को लेकर आशंकित होने की जरूरत नहीं है। मौजूदा आयकर नियमों की तुलना में नए डीटीसी टैक्स में ज्यादा सुविधाएं और सहूलियत मिलेंगी।



आयकर कानूनों में बदलाव के बाद कारोबार/पेशे से होने वाली आय को बिलकुल नया रूप दिया जाएगा। डीटीसी में व्यवसाय, कारोबार/पेशे से होने वाली आय को कारोबारी आय के दायरे में ही रखा गया है। नए कोड के सेक्शन 30- 45 में इसका पूरा ब्यौरा है।


टैक्स गुरू के साथ सुलझाएं डीटीसी की शंका


डीटीसी में कारोबारियों के लिए सबसे बड़ी फायदे की बात ये है कि अगर व्यवसायी का वार्षिक टर्नओवर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा होगा तभी उसे टैक्स ऑडिट का सामना करना होगा। साथ ही छोटे कारोबारियों के लिए भी लाभ का प्रावधान करते हुए नियम बनाया गया है कि व्यापार से 25 लाख से अधिक राशि मिलने पर ही उन्हें टैक्स ऑडिट करवाना होगा।


टैक्स गुरू के साथ करें टैक्स समस्याओं का निदान


कारोबारी आय के दायरे में कारोबारी खर्च पर और ब्याज से मिलने वाली आय पर टैक्स छूट का प्रावधान है। कारोबार के तहत अगर वैज्ञानिक अनुसंधान पर कोई खर्च आता है तो इस पर भी 200 फीसदी की भारी-भरकम आयकर छूट मिल सकती है।


पहले आयकर कानूनों में डेप्रिसियेशन को लेकर कुछ स्पष्ट नियम बताए नहीं गए हैं पर नए डीटीसी में डेप्रिसियेशन शेड्यूल, कोड में ही मौजूद है जिसके लागू होने पर उद्यमियों को कुछ लाभ मिल सकते हैं।


जो लोग नये उद्योग लगाते हैं उन कारोबारियों को मशीनों पर 20 फीसदी की अतिरिक्त डेप्रिसियेशन आयकर छूट मिल सकती है। इसके अलावा एक नियम के तहत अलग-अलग कारोबार से होने वाली आय को अलग ही दिखाना होगा। उसे संयुक्त रूप से नहीं दिखा सकते हैं।


टैक्स गुरू के जवाबों से हल करें टैक्स की समस्याएं


नए कोड में चैप्टर 4 सेक्शन 69 के तहत पेंशन फंड, पीपीएफ, पेंशन प्लान, ग्रेच्युटी प्लान में 1 लाख रुपये तक के निवेश पर आयकर छूट मिल सकती है।


अगर आपने मेडिक्लेम पॉलिसी ले रखी है या बीमा कराया है, बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं तो ऊपर बताई गई 1 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त कोड की नई धारा 70-71-72 के तहत 50 हजार रुपये तक की आयकर छूट का लाभ भी पा सकते हैं। इस तरह डीटीसी कोड में कुल मिलाकर 1.50 लाख रुपये की आयकर छूट देने का प्रावधान है।

कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स से करधारकों को लाभ: टैक्स गुरू


नए कोड में वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स छूट के नजरिये से भले ही कम विकल्प बचे हैं पर उनकी जिंदगी आसान बनाने के लिए ही सरकार ने ऐसे प्रबंध किए हैं। अब वरिष्ठ नागरिक जीवन बीमा, मेडिक्लेम पॉलिसी में निवेश के नजरिये से पैसा लगा सकते हैं। टैक्स गुरू का कहना है कि अन्य विकल्पों में वरिष्ठ नागरिकों के पास पहले ही पेंशन फंड, पीपीएफ जैसे विकल्प मौजूद हैं।


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