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आज फिर मिलेंगे नरेंद्र मोदी-बराक ओबामा

डिनर के बाद अब निगाहें नरेंद्र मोदी-बराक ओबामा के बीच होनेवाली शिखर वार्ता पर हैं।
अपडेटेड Sep 30, 2014 पर 13:29  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

न्यूयॉर्क में धमाल मचाने के बाद नरेंद्र मोदी वॉशिंगटन पहुंच चुके हैं। आज उनकी अमेरिका यात्रा का चौथा दिन है। व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की। व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में डिनर रखा गया था। नवरात्र व्रत के चलते पीएम मोदी ने कुछ नहीं खाया, सिर्फ गर्म पानी पीया।


मोदी के व्हाइट हाउस पहुंचते ही ओबामा ने गुजराती अंदाज में उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति ओबामा ने पीएम मोदी से गुजराती में पूछा - केम छो मिस्टर प्राइम मिनिस्टर। जवाब में पीएम मोदी ने कहा - थैंक्यू मिस्टर प्रेसिडेंट। इसके बाद पीएम मोदी ने ओबामा को गांधीजी की लिखी हुई गीता भेंट की। दोनों नेताओं को ये डिनर करीब 90 मिनट तक चला।


इस मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी भी साथ थे। इस दौरान दोनों देशों के तमाम आला अफसर और चुनिंदा मेहमान भी डिनर टेबल पर मौजूद थे। डिनर के बाद अब निगाहें मोदी-ओबामा के बीच होनेवाली शिखर वार्ता पर हैं।


डिनर पर मोदी ने ओबामा को अपनी सरकार का विकास एजेंडा बताया। साथ ही दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका दोस्ती को और मजबूत किए जाने पर जोर दिया। वहीं मोदी के साथ अमेरिकी कंपनियों के सीईओ से मुलाकात में टैक्स का मामला उठा। अमेरिका के तमाम दिग्गज सीईओ ने भारत में स्थिर टैक्स व्यवस्था की मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी माना कि निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए देश में स्थिर टैक्स नियम होने जरूरी हैं।


साथ ही सीईओ के साथ मुलाकात में पहली बार प्रधानमंत्री ने कोल घोटाले पर सफाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जल्द से जल्द कोल ब्लॉक देगी। कोल ब्लॉक नीलामी या फिर पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप के जरिए दिए जा सकते हैं। कोल ब्लॉक बांटने में ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता बरती जाए इसके लिए सरकार पुराने नियमों का अध्यन तो कर ही रही है साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी बारीकी से पढ़ रही है।


वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति बराक ओबामा की डिनर डिप्लोमेसी के मायने क्या हैं। भारत के लिए नरेंद्र मोदी का ये दौरा कितना अहम है और किन मुद्दों पर दोनों देशों में बन सकती है सहमति, ये समझने के लिए सीएनबीसी आवाज़ संपादक संजय पुगलिया ने फॉरेन पॉलिसी एक्सपर्ट दीप पाल से बात की है।


दीप पाल का कहना है कि अमेरिका-भारत में काफी गंभीर बातचीत की उम्मीद है। रिपब्लिकन्स और डेमोक्रेट्स दोनों भारत से अच्छे रिश्तों के पक्ष में हैं, ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच अच्छी समझ बनेगी। उम्मीद है कि नरेंद्र मोदी अमेरिका के साथ नए रिश्तों की शुरुआत करेंगे।


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